नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में अहम राहत मिली है। दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को 5.72 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया है। यह विवाद ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत द्वारा पारित प्रॉपर्टी सेटलमेंट आदेश से संबंधित था। अदालत ने उस आदेश को भारतीय कानून के अनुरूप नहीं माना और इसे अमान्य घोषित करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी व्यवस्था भारतीय वैवाहिक कानूनों के तहत स्वीकार्य नहीं है।
इस फैसले को शिखर धवन के लिए आर्थिक और कानूनी, दोनों ही दृष्टिकोण से बड़ी सफलता माना जा रहा है। तलाक, मानसिक उत्पीड़न और बेटे से दूरी जैसी व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच यह निर्णय उनके लिए भावनात्मक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे उनकी जिंदगी का एक अहम मोड़ समझा जा रहा है, जहां से वह नए सिरे से आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि शिखर धवन ने हाल ही में 22 फरवरी 2026 को सोफी शाइन के साथ दूसरी शादी की है, जिससे उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ है।
इस झगड़े की जड़ ऑस्ट्रेलिया के एक फैमिली कोर्ट के पिछले आदेश में थी। ऑस्ट्रेलियाई नागरिक आयशा मुखर्जी ने ‘प्रॉपर्टी सेटलमेंट’ के लिए अपने देश की अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यह एक कानूनी धारणा है, जिसमें पति-पत्नी के बीच शादी की संपत्ति का बंटवारा जरूरी है। उस कार्रवाई के बाद शिखर धवन को अपनी पूर्व पत्नी को 5.72 करोड़ रुपये की बड़ी रकम स्थानांतरण करने के लिए कहा गया।
दिल्ली फैमिली कोर्ट ने भारत में इस ऑस्ट्रेलियाई आदेश की वैधता को नकार दिया। जज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह से ‘प्रॉपर्टी सेटलमेंट’ को बताया गया है, वह भारतीय कानूनी प्रणाली से अलग है। भारतीय शादी के कानूनों, खासकर हिंदू विवाह अधिनियम के तहत, ऐसा कोई कानून नहीं है जो ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रॉपर्टी या फंड के ऐसे विशेष स्थानांतरण को अनिवार्य बताता हो। परिणामस्वरूप, दिल्ली की अदालत ने ऑस्ट्रेलियाई आदेश को “कायम रखने योग्य नहीं” करार देते हुए आयशा मुखर्जी को शिखर धवन को पूरी राशि वापस करने का निर्देश दिया। यह आर्थिक राहत 2023 में आए उस फैसले के बाद मिली है, जिसमें इसी कोर्ट ने मानसिक क्रूरता के आधार पर धवन को तलाक प्रदान किया था। अदालत ने अपने निर्णय में माना था कि आयशा मुखर्जी के व्यवहार से क्रिकेटर को गंभीर मानसिक पीड़ा हुई, जिसमें उन्हें लंबे समय तक अपने बेटे जोरावर से दूर रखना भी शामिल था।
वित्तीय संपत्तियों को लेकर चल रही कानूनी जंग में शिखर धवन को राहत मिली है, लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी दूसरी शादी को लेकर पूर्व पत्नी के नाम से फैलाए जा रहे ‘क्लिकबेट’ और फर्जी बयानों की आलोचना की थी। धवन ने प्रशंसकों से अपील की कि वे नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मकता पर ध्यान दें। गौरतलब है कि शिखर धवन और आयशा मुखर्जी का तलाक वर्ष 2023 में हो चुका था।

