नई दिल्ली: भारतीय वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर लंबे समय तक मैदान से बाहर रहेंगे। हालिया मेडिकल जांच के बाद उन्हें किसी भी हाई-इंटेंसिटी वाले काम से बचने और फेज्ड रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम को फॉलो करने की सलाह दी गई है। यह जानकारी तब सामने आई जब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी पेट की चोट से उबर रहे थे।
श्रेयस अय्यर 25 अक्टूबर को सिडनी में तीसरे वनडे में कैच लेते समय अजीब तरह से गिर गए थे। इस घटना के बाद बीसीसीआई ने कन्फर्म किया कि उन्हें पेट में चोट लगी थी जिससे उनकी तिल्ली कट गई और अंदरूनी ब्लीडिंग हुई। इसके बाद ब्लीडिंग को कंट्रोल करने के लिए उनका एक छोटा सा प्रोसीजर किया गया और उनकी हालत स्टेबल होने पर उन्हें ऑब्जर्वेशन के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में ले जाया गया।
श्रेयस अय्यर की सेहत में लगातार सुधार
घर लौटने के बाद से श्रेयस अय्यर लगातार मेडिकल टीम की देखरेख में हैं। इंडिया टुडे के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत में उनका अल्ट्रासाउंड (USG) स्कैन किया गया, जिसे जाने-माने स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने देखा। नए स्कैन में सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे साफ हो गया कि उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। वर्तमान मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर श्रेयस को रोजमर्रा के सामान्य काम फिर से शुरू करने और बेसिक एक्सरसाइज करने की अनुमति मिल गई है।
दो महीने बाद श्रेयस अय्यर का अगला स्कैन
फिलहाल श्रेयस अय्यर को कम से कम अगले एक महीने तक ऐसी किसी भी ट्रेनिंग से बचने की सलाह दी गई है, जिससे उनके पेट पर दबाव न पड़े। उनके रिकवरी प्लान में दो महीने बाद एक और यूएसजी स्कैन शामिल है, और इसके परिणामों के आधार पर ही उन्हें बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन शुरू करने की अनुमति मिलेगी। इसका उद्देश्य है कि वे पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी कर सकें। इस प्रक्रिया के कारण श्रेयस कम से कम अगले दो महीनों तक मैदान से दूर रहेंगे, और साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के साथ-साथ कई अन्य आगामी सीरीज भी मिस कर सकते हैं।

