अहमदाबाद: भारतीय टीम के टी20 कप्तान Suryakumar Yadav ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीत को अपने करियर का सबसे खास पल बताया है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में खिताब जीतना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि इसी मैदान पर 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द अभी भी बाकी था। सूर्यकुमार की कप्तानी में टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया। उन्होंने कहा, “हमने पहले भी जीता है, तो तीसरी बार क्यों नहीं? टीम में अनुभव थोड़ा कम था, लेकिन युवाओं का जोश शानदार था।” उन्होंने बताया कि टीम के अधिकतर खिलाड़ी 25 से 27 साल के हैं और उनमें देश के लिए कुछ खास करने की भूख साफ दिखाई देती है। सूर्या के अनुसार, घरेलू मैदान पर हजारों-लाखों दर्शकों के सामने जीतना एक अलग ही एहसास देता है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
अपनी कप्तानी के रिकॉर्ड पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि 52 टी20 मैचों में 42 जीत उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “स्कूल और कॉलेज में जो प्रतिशत पाने की कोशिश करता था, वह अब क्रिकेट के मैदान पर मिल रहा है। वहां तो मैं 50-60% भी पार नहीं कर पाया था, लेकिन यहां जीत का प्रतिशत काफी बेहतर है।” सूर्यकुमार ने अपने शुरुआती संघर्ष को याद करते हुए बताया कि उनके परिवार ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया, लेकिन जल्द ही समझ गया कि उनका झुकाव क्रिकेट की ओर है। परिवार ने उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
उन्होंने अपने करियर के अहम मोड़ का जिक्र करते हुए पत्नी देविशा के योगदान को भी सराहा। सूर्या ने बताया कि 2018 के आसपास उनकी जीवनशैली और खेल में बड़ा बदलाव आया, जिससे प्रदर्शन में निरंतरता आई और आखिरकार 2021 में उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली। सूर्यकुमार ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे अनुशासन, कड़ी मेहनत और परिवार का समर्थन सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी बताया कि निजी जीवन में सादगी बनाए रखना और जमीन से जुड़े रहना ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

