सूर्यकुमार की जीत पहलगाम पीड़ितों और सेना के नाम, नाराज़ सलमान आगा ने बातचीत से किया इंकार

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नई दिल्ली : अप्रैल में भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले की गूंज दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 में भी दिखी। रविवार (14 सितंबर) को पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का रुख कड़ा नजर आया। मैच खेलने उतरी टीम इंडिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से औपचारिक सौहार्द नहीं दिखाया। टॉस के वक्त सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। उन्होंने छक्के से मैच खत्म किया और शिवम दुबे के साथ पवेलियन लौटते समय भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया।

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान पर मिली जीत को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और भारतीय सेना को समर्पित किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रेजेंटेशन में संजय मांजरेकर से बातचीत करते हुए सूर्यकुमार ने कहा, “मैं कुछ कहना चाहता हूं। यह बिल्कुल सही मौका है कि हम पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। हम अपनी एकजुटता जताते हैं। यह जीत हमारे उन सभी सशस्त्र बलों के नाम है, जिन्होंने अदम्य साहस दिखाया। हमें उम्मीद है कि वे हमें प्रेरित करते रहेंगे और जब भी अवसर मिलेगा, हम उन्हें मैदान पर मुस्कुराने का और भी कारण देंगे।”

खेल भावना से ऊपर उठकर देशभक्ति का जज़्बा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैच के बाद प्रेस कॉनफ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि हम यहां सिर्फ खेलने आए थे। हमने इसका उचित जवाब दिया। हम बीसीसीआई और सरकार के साथ हैं। खेल भावना से आगे कुछ चीजें होती हैं।” भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी अपने कप्तान की बातों का समर्थन किया। उन्होंने दोहराया कि टीम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है। गंभीर ने साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारतीय सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया।

टीम इंडिया के कोच गंभीर ने सैनिकों को जताया आभार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गंभीर ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क से कहा,” यह मैच हमारे लिए इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि एक टीम के तौर पर हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाना चाहते थे। उन सब के लिए जो उन्होंने झेला है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि हम अपने सशस्त्र बलों को उनके सफल ऑपरेशन सिंदूर के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। मुझे यकीन है कि हम अपने देश को गौरवान्वित और खुश करने करेंगे।”

भारत की खेल नीति: खिलाड़ियों के सपनों से राष्ट्र का गौरव

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बार भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आईं। इस मैच को लेकर बहिष्कार की मांगें तेज थीं। इसी बीच, पिछले महीने भारत सरकार ने नई खेल नीति की घोषणा की थी। इस नीति के तहत भारतीय टीमें और एथलीट पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय मुकाबले नहीं खेल सकते, हालांकि बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनका सामना किया जा सकता है। साथ ही, भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है और भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तानी टीमों या व्यक्तिगत खिलाड़ियों की मेजबानी नहीं करेगा।

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