पुडुचेरी. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज सुषमा वर्मा ने इंटर-जोनल मल्टी-डे ट्रॉफी के फाइनल में नॉर्थ ज़ोन की ओर से खेलते हुए वेस्ट ज़ोन के खिलाफ 237 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। 498 गेंदों में खेली गई यह पारी महिला फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई, जो केवल किरन बलूच के 242 रन के विश्व रिकॉर्ड से पांच रन पीछे रह गई। इस पारी की बदौलत नॉर्थ ज़ोन ने 125 रनों की बढ़त हासिल की और मैच ड्रॉ रहने के बावजूद खिताब जीत लिया।
सुषमा ने यह भी बताया कि उन्हें यह भूमिका अचानक मिली। योजना के मुताबिक वह मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाली थीं, लेकिन ओपनर प्रिया पुनिया के चोटिल होने के बाद उन्होंने पारी की शुरुआत की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि नई गेंद के सामने शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे वह सेट हो गईं और 30 चौकों व 4 छक्कों की मदद से लगातार रन बनाती रहीं। सुषमा ने बताया कि पूरी पारी में उन्होंने सिर्फ दो गेंदों पर अपना फोकस खोया, जिसमें एक वह गेंद भी शामिल थी जिस पर वह आउट हुईं।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपनी पारी के दौरान रिकॉर्ड्स का अंदाजा नहीं था। वह मिताली राज के घरेलू सर्वोच्च स्कोर को पीछे छोड़ चुकी थीं और विश्व रिकॉर्ड के बेहद करीब थीं, लेकिन आउट होने के बाद उन्हें इसका एहसास हुआ और वह निराश भी थीं। सुषमा ने अपने करियर के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 वर्ल्ड कप फाइनल में खेले गए शॉट ने उन्हें लंबे समय तक प्रभावित किया, लेकिन 2025 वर्ल्ड कप जीत ने उन्हें मानसिक रूप से बड़ी राहत दी और उन्होंने फिर से मैदान पर वापसी मजबूत तरीके से की।


