नागपुर: भारतीय T20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में उतरते ही अपने 100वें T20 अंतरराष्ट्रीय मैच का माइलस्टोन हासिल करेंगे। वह ऐसा करने वाले 53वें खिलाड़ी होंगे, जिनमें से 44 खिलाड़ी पूर्ण सदस्य देशों से हैं। खास बात यह है कि सूर्यकुमार इन 44 खिलाड़ियों में इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने न तो 10 टेस्ट खेले हैं और न ही 40 वनडे मुकाबले। वह लंबे समय से भारत के एकमात्र शुद्ध T20 विशेषज्ञ बने हुए हैं।
35 वर्षीय सूर्यकुमार आज भी मौका मिलने पर मुंबई के लिए प्रथम श्रेणी और लिस्ट-ए क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कभी T20 विशेषज्ञ बनने के इरादे से नहीं की थी। उस दौर में इस तरह का करियर विकल्प कल्पना से परे था। यह दिखाता है कि प्रोफेशनल क्रिकेट का परिदृश्य कितना तेजी से बदल चुका है। 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद भारत ने सिर्फ 23 वनडे जबकि 54 T20 मुकाबले खेले हैं। इसके बावजूद सूर्यकुमार इस दौरान भारत के लिए चौथे सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं।
भारतीय T20 टीम के टॉप ऑर्डर में अब कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो सिर्फ इसी फॉर्मेट में खेलते हैं। इनमें संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह और सूर्यकुमार यादव शामिल हैं। यह T20 क्रिकेट के एक अलग खेल के रूप में विकसित होने का संकेत है। हालांकि सूर्यकुमार का हालिया फॉर्म चिंता बढ़ाने वाला रहा है। पिछले एक साल में वह एक भी अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। पहले जिनकी तुलना एबी डी विलियर्स से होती थी, अब टीमों ने उनके खिलाफ बेहतर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सूर्यकुमार ने कहा है कि वह अपनी बल्लेबाजी की पहचान नहीं बदलना चाहते और T20 विश्व कप से पहले फॉर्म में लौटने का भरोसा जताया है। ऐसे में यह विश्व कप उनके करियर और विरासत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

