नई दिल्ली: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मैच तीन दिन में ही समाप्त हो गया। ईडन गार्डन की पिच को लेकर काफी चर्चा जारी है। इस बीच, बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने खुलासा किया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टेस्ट मैच के लिए क्यूरेटर नियुक्त किए थे और मैच शुरू होने से चार दिन पहले ही उन्होंने पिच तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांगुली ने इंडिया टुडे से कहा, “नहीं, नहीं, मैं इसमें बिल्कुल भी शामिल नहीं था। बीसीसीआई के क्यूरेटर टेस्ट मैच से चार दिन पहले पिच की देखरेख संभालते हैं। हमारे पास अपने खुद के क्यूरेटर (सुजान मुखर्जी) भी हैं, जिन्होंने लंबे समय तक शानदार काम किया है। अनुरोध किए जाते हैं और उन्हें पूरा किया जाता है। बस यही प्रक्रिया होती है।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांगुली ने स्वीकार किया कि विकेट खास अच्छा नहीं था। उन्होंने कहा, “मुझे यह मानना होगा कि यह बहुत बेहतर नहीं था। मुझे लगता है कि शीर्ष और मध्य क्रम की बल्लेबाजी एक बेहतरीन क्रिकेट पिच की हकदार थी। ईडन गार्डन में तीन दिनों तक पूरा स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा रहा और मेरा पूरा विश्वास है कि गौतम गंभीर और उनकी भारतीय टीम को ईडन गार्डन की तुलना में कहीं बेहतर विकेट पर खेलना चाहिए।”
तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का उदाहरण दिया
गांगुली ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी का भी उदाहरण दिया, जब भारत ने अच्छी पिचों पर रन बनाने और विकेट लेने में सफलता हासिल की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “उन्हें इस मामले में धैर्य बनाए रखना होगा। जैसा कि मैंने कहा, उनके पास 20 विकेट लेने वाली गेंदबाजी आक्रमण की ताकत है, जैसा कि आपने ओवल के आखिरी दिन देखा था और जैसा कि एजबेस्टन में उस सीरीज (इंग्लैंड के खिलाफ) के दौरान देखा गया था। इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। भारत में गेंद पुरानी होने पर स्विंग काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए यह केवल मानसिकता में बदलाव की बात है।”
भारतीय टीम को मिलना चाहिए था टर्निंग विकेट
पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने माना कि टीम को टर्निंग विकेट की आवश्यकता थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौथी पारी में 124 रनों के लक्ष्य को पूरा न कर पाने के बाद गंभीर ने कहा, “यह बिल्कुल वैसी पिच थी जिसकी हमें तलाश थी। मुझे लगता है कि क्यूरेटर ने इसमें काफी मदद की। हम यही चाहते थे और हमें यही मिला। अगर आप अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो परिणाम यही होता है।”


