नई दिल्ली: विरासत ओलंपिक खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के महासंघ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम स्तंभ, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) का एजुकेशन प्रोग्राम बुधवार (21 जनवरी 2026) को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा, जब अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (आईएसएसएफ) का “बी” कोचेस कोर्स राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हुआ। एनआरएआई द्वारा पिछले वर्ष आईएसएसएफ अकादमी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद यह पहली बार है कि यह कोर्स भारत में आयोजित किया जा रहा है। पांच दिवसीय इस कोर्स का नेतृत्व आईएसएसएफ अकादमी के निदेशक और फिनलैंड शूटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. वेसा निस्सिनेन कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह में एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस कोर्स में भारत के अलावा अल्बानिया और इराक सहित तीन देशों से कुल 56 कोच भाग ले रहे हैं। डॉ. निस्सिनेन की सहायता आईएसएसएफ अकादमी की हेड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन सुश्री कारोलीना निस्सिनेन, छह बार की ओलंपियन और पिस्टल इंस्ट्रक्टर आईएसएसएफ अकादमी की सुश्री अगाथी कास्सौमी तथा ओजीक्यू की हेड ऑफ कोचेस प्रोग्राम सुश्री नेहा पंडित कर रही हैं। पिछले वर्ष एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी, जब 13 भारतीय कोचों ने आईएसएसएफ “ए” लाइसेंस कोच के रूप में क्वालिफाई किया था, जो आईएसएसएफ द्वारा प्रदान किया जाने वाला कोचिंग का सर्वोच्च स्तर है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए डॉ. निस्सिनेन ने कहा,
“भारत में आकर मुझे बेहद खुशी और गर्व महसूस हो रहा है, जो कि इस खेल में अपार संभावनाओं वाला देश है। फिनलैंड में पिछले वर्ष पहला प्रोग्राम आयोजित होने के बाद यह पहली बार है कि यह कोर्स दुनिया में कहीं भी इतने बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। यहां उपस्थित सभी प्रतिभागी पहले ही डी और सी कोर्स ऑनलाइन कर चुके हैं, जो तकनीक और स्पोर्ट्स साइंस पर केंद्रित थे। यह कोर्स एक अपग्रेड है, जिसमें एथलीट्स के लिए पेशेवर प्रशिक्षण माहौल तैयार करना सिखाया जाता है। इसमें मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञता, पोषण, माता-पिता और मीडिया से संवाद जैसे विषय शामिल हैं, जिससे कोच की भूमिका और भी व्यापक हो जाती है। आगे ‘ए’ कोर्स में ध्यान जीत पर, एथलीट्स को फाइनल और पोडियम तक पहुंचाने पर केंद्रित होता है।”
एनआरएआई अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने भी इस कोर्स के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा,
“यह एनआरएआई के लिए बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, खासकर देश में इस खेल की व्यापकता और गहराई को देखते हुए। हमारे एजुकेशन प्रोग्राम के तहत एनआरएआई ने पूरे देश में 17,000 रेंजों को मैप किया है। भारत सरकार भी विकेंद्रीकृत स्थानों पर प्रतिभाओं को पहचानने और उनकी कोचिंग, पोषण जैसी जरूरतों को पूरा करने में हमें भरपूर सहयोग दे रही है, ताकि वे अपने करियर के सर्वोत्तम दौर में सहज रूप से आगे बढ़ सकें। हम सरकार के साथ मिलकर चुनिंदा युवा एथलीट्स के लिए एक समर्पित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी काम कर रहे हैं।
ऐसे में वेसा और कारोलीना द्वारा किए जा रहे प्रयास और इस तरह के कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं, क्योंकि हमें उन्हें उत्कृष्टता की ओर ले जाने के लिए योग्य कोचों की आवश्यकता होगी। नैतिकता, नैतिक मूल्यों और हितों के टकराव जैसे मुद्दे भी ऐसे तेज़ी से बढ़ते खेल में बेहद अहम हैं, और मुझे विश्वास है कि इस कोर्स में इन महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी। हमारा लक्ष्य भविष्य में दुनिया में आईएसएसएफ प्रमाणित कोच, जूरी और अधिकारियों का सबसे बड़ा उत्पादक बनना है, और उम्मीद है कि यह कार्यक्रम उस दिशा में एक मजबूत शुरुआत साबित होगा।”
दो बार के ओलंपियन और पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर संजीव राजपूत भी उन पांच “ए” लाइसेंस प्राप्त कोचों में शामिल हैं, जो अगाथी के साथ इस कोर्स में इंस्ट्रक्टर की भूमिका निभाएंगे। मनोज कुमार (राइफल) और विद्या जाधव (पिस्टल) दो अन्य भारतीय इंस्ट्रक्टर होंगे, जबकि इटली के दाविदे सेकेंडी, जो वर्तमान में सऊदी अरब के राष्ट्रीय कोच हैं, शॉटगन के इंस्ट्रक्टर होंगे। यह कार्यक्रम रविवार, 25 जनवरी 2026 को दीक्षांत समारोह के साथ संपन्न होगा।


