सचिन तेंदुलकर की 100 करोड़ की डील का राज, मार्क मस्कारेन्हास बने गेम चेंजर

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नई दिल्ली : दुनिया के महान क्रिकेटरों की सूची में सचिन तेंदुलकर से पहले डॉन ब्रैडमैन, सुनील गावस्कर और विवियन रिचर्ड्स जैसे दिग्गजों का नाम जरूर आता है, लेकिन जब किसी क्रिकेटर के बड़े ब्रांड बनने की बात होती है, तो ‘मास्टर ब्लास्टर’ सबसे ऊपर नजर आते हैं। 21वीं सदी की शुरुआत से पहले शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि कोई क्रिकेटर विज्ञापनों के जरिए 100 करोड़ रुपये की कमाई कर सकता है, लेकिन सचिन तेंदुलकर के पहले मैनेजर मार्क मस्कारेन्हास की रणनीति और सोच ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया।

मार्क मस्कारेन्हास की क्रिकेट की दुनिया में एंट्री 1996 वर्ल्ड कप के दौरान हुई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका की मेजबानी में हुए विश्व कप के प्रसारण अधिकार 10 मिलियन डॉलर में मस्कारेन्हास की वर्ल्ड टेल ने खरीदे। मार्क मस्कारेन्हास की सचिन तेंदुलकर से रवि शास्त्री ने 1995 में श्रीलंका में मुलाकात कराई थी।

पांच साल का 25 करोड़ का डील, क्रिकेट में नई शुरुआत

मार्क से जुड़ने से पहले सचिन का सबसे बड़ा विज्ञापन करार सालाना लगभग 16 लाख रुपये का था। मार्क ने उनके साथ पांच साल के लिए 25 करोड़ रुपये का करार किया। सचिन की गिनती उस समय भी सबसे अमीर क्रिकेटरों में होती थी, लेकिन वर्ल्डटेल के साथ उनके करार ने नए मानक स्थापित किए। 25 करोड़ के करार के बाद ये बातें होने लगीं कि क्या इसमें कोई सच्चाई है? क्या मार्क इतनी कमाई भी कर पाएंगे?

सचिन तेंदुलकर के साथ सलाना एक करोड़ की डील

इस बीच सचिन तेंदुलकर के खेल में बदलाव भी आया। उन्होंने वनडे क्रिकेट में पारी की शुरुआत करना शुरू किया। महाराष्ट्र के बॉम्बे (अब मुंबई) में 24 अप्रैल 1973 को जन्में सचिन तेंदुलकर का क्रिकेट के मैदान दबदबा देखने को मिला। इसके बाद वर्ल्डटेल के साथ एडिडास, एमआरएफ और फिलिप्स का करार हुआ। सभी की कीमत सालाना एक करोड़ रुपये से ज्यादा थी। पेप्सी और बूस्ट जैसे पुराने ब्रांड ने भी कीमत बढ़ा दी।

सचिन तेंदुलकर के प्रचार में नहीं बरती कोताही

मार्क का दांव सफल रहा। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के प्रचार में भी कोई कोताही नहीं बरती। शारजाह में 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन तेंदुलकर की पारी को कौन भूल सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर इयान चैपल ने 2019 में मस्कारेन्हास को लेकर लिखे कॉलम में भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई इस त्रिकोणीय सीरीज का दिलचस्प वाकया बताया।

सचिन तेंदुलकर को मिला खास तोहफा

मार्क मस्कारेन्हास ने प्रायोजकों के साथ एक करार किया कि अगर सचिन तेंदुलकर फाइनल में शतक लगाते हैं और भारत जीतता है, तो खिलाड़ी को एक कार मिलेगी। सचिन तेंदुलकर ने शतक जड़ा और भारत को मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दिलाई। मस्कारेन्हास बहुत खुश हुए और सचिन तेंदुलकर को उनकी कार और प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

100 करोड़ रुपये का समझौता

इस सफलता के बाद, पहले करार के समाप्त होते ही 2001 में मस्कारेन्हास ने सचिन तेंदुलकर के साथ 100 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक समझौता किया। हालांकि, 2002 में नागपुर में एक सड़क दुर्घटना में मस्कारेन्हास का निधन हो गया। सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा Playing It My Way में भी मस्कारेन्हास का जिक्र किया है। उन्होंने मार्क को एक खास इंसान बताते हुए कहा कि वह मैनेजर से बढ़कर दोस्त की तरह थे। सचिन के अनुसार, मार्क ने कई बड़ी कंपनियों को साथ लाकर क्रिकेट में खिलाड़ी एंडोर्समेंट का तरीका बदल दिया, लेकिन उन्होंने कभी भी उन पर अपनी इच्छा नहीं थोपी।

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