यूथ ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने पर ICC और IOC के बीच हो सकती है बड़ी डील

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नई दिल्ली: ओलंपिक 2024 में पेरिस की मेज़बानी में हुआ था, जो हाल ही में समाप्त हुआ. अब अगला ओलंपिक 2028 में लॉस एंजेलिस की मेज़बानी में होगा. लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक में क्रिकेट भी देखने को मिलेगा. फिर इसके बाद होने वाले 2030 के यूथ ओलंपिक (Youth Olympics 2030) में भी क्रिकेट देखने को मिल सकता है. यूथ ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने पर आईसीसी (ICC) और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) के बीच बड़ी डील हो सकती है.

यूथ ओलंपिक में क्रिकेट शामिल करने का विचार भारत सरकार की एक घोषणा से आया, जिसमें 2030 के यूथ ओलंपिक और 2036 के ओलंपिक की मेज़बानी के लिए बोली लगाने का इरादा ज़ाहिर किया गया था. ‘क्रिकबज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी के जनरल मैनेजर ऑफ डेवलपमेंट विलियम ग्लेनराइट ने विवेक गोपालन नाम के एक शख्स को ईमेल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. ग्लेनराइट ने कहा, “यह अच्छा आइडिया है और यह कुछ ऐसा है, जिसे हम देख सकते हैं.” गोपालन के ईमेल और ग्लेनराइट के जवाब को आईसीसी सीईओ ज्योफ एलार्डिस, वसीम खान, क्लेयर फर्लांग और क्रिस टेटली को भी भेजा गया.

गोपालन ने तर्क दिया है कि युवा ओलंपिक खेलों में क्रिकेट के लिए मजबूत संभावनाएं है और मुंबई 2030 के युवा ओलंपिक के लिए बोली लगा रहा है. गोपालन ने आईसीसी को लिखा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से युवा ओलंपिक 2030 और 2036 के ओलंपिक की मेज़बानी की इच्छा ज़ाहिर की है. बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में ओलंपिक कमेटी के सत्र को संबोधित करते हुए यूथ ओलंपिक के बारे में संकेत दिया था. फिलहाल भारत सरकार का ध्यान ओलंपिक 2036 पर चला गया है. पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की स्पीच में भी ओलंपिक 2036 को लेकर बात की थी.

यूथ ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने के लिए आईसीसी को भेजे गए इमेल में तर्क पेश करते हुए क्रिकेट को खेलों का हिस्सा बनाने की बात कही गई है. कहा गया, “रग्बी सेवन्स समेत सभी टॉप खेल यूथ ओलंपिक का हिस्सा हैं. फिर क्रिकेट क्यों नहीं? युवा ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने से विश्व स्तर पर जमीनी स्तर के क्रिकेट में क्रांति आ जाएगी, खासकर आईसीसी एसोसिएट्स के बीच में. इमेल में आगे इस बात का भी ज्रिक किया गया कि अब आईसीसी और ओलंपिक कमेटी के बीच मज़बूत रिश्ते हो चुके हैं और अब अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी भी इस बात को मानती है कि क्रिकेट का ब्रान्ड ओलंपिक के ब्रॉन्ज को और बढ़ावा दे सकता है.

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