नई दिल्ली: एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 के सेमीफाइनल में इंडिया ए को बांग्लादेश ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा और टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। हालांकि भारत के लिए यह हार निराशाजनक रही, लेकिन वैभव सूर्यवंशी का शानदार प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में यादगार रहा और टीम के लिए एक बड़ी सकारात्मक चमक बनकर उभरा।
वैभव इस टूर्नामेंट में रन बनाने के मामले में बेहद लगातार रहे और भारत की ओर से सबसे अधिक रन जुटाने वाले बल्लेबाज़ के रूप में पहले स्थान पर रहे। सेमीफाइनल में भी उन्होंने शानदार शुरुआत की और मात्र 15 गेंदों में 4 छक्कों व 2 चौकों की मदद से 38 रन जड़ दिए। उनकी यह तेज़ पारी टीम को मजबूत स्थिति में ले जा रही थी, लेकिन तेज़ खेलते हुए वे जल्द ही आउट हो गए। यदि वैभव थोड़ी देर और टिक जाते, तो मैच का नतीजा शायद पूरी तरह बदल सकता था—लेकिन ऐसा हो न सका।
वैभव सूर्यवंशी का करिश्मा: 98 गेंदों में 239 रन
एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 में वैभव ने कुल 4 मैचों में शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 98 गेंदों का सामना करते हुए 243.87 की अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट के साथ 239 रन बनाए। इस दौरान उनके बैट से 20 चौके और 22 छक्के निकले, जिसने उनकी आक्रामक खेल शैली को स्पष्ट रूप से दिखाया। वैभव ने टूर्नामेंट में एक शतक भी जड़ा और उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 144 रन की रही, जो टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
धमाकेदार प्रदर्शन के बावजूद वैभव, हर्ष–जितेश से पिछड़े
वैभव भले ही इस टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे हों, लेकिन औसत के मामले में वे हर्ष दुबे और कप्तान जितेश शर्मा से पीछे रह गए। हर्ष दुबे ने 4 मैचों में 75.00 की शानदार औसत से 75 रन बनाए, जबकि कप्तान जितेश शर्मा ने 4 मुकाबलों में 62.50 की औसत से 125 रन जोड़े। इसके मुकाबले वैभव ने 4 मैचों में 59.75 की औसत से 239 रन बनाए, जो रन संख्या में तो सबसे ज्यादा थे, लेकिन औसत के आधार पर उन्हें तीसरे स्थान पर रखा गया।

