रांची। झारखंड के कप्तान विराट सिंह ने कहा है कि उनकी क्रिकेट को लेकर सोच पूरी तरह बदल चुकी है और इसके पीछे सबसे बड़ा हाथ पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक अहम सलाह का है। JSCA क्रिकेट स्टेडियम में हुई एक संक्षिप्त बातचीत ने उनके खेल और तैयारी के तरीके को नई दिशा दी। विराट सिंह ने बताया कि IPL 2025 की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद वह निराश थे, लेकिन उसी दौरान धोनी से हुई बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत किया। धोनी ने उन्हें समझाया कि अभ्यास और मैच को अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर की गंभीरता से लिया जाए, तो किसी भी बड़े मंच के लिए खुद को तैयार करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि निराशा के समय खिलाड़ी अक्सर अपनी तीव्रता खो देते हैं, जबकि लगातार उच्च स्तर की तैयारी ही उन्हें आगे ले जाती है। विराट के अनुसार इस सलाह के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या, फिटनेस और अभ्यास की तीव्रता पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। इसका असर उनके प्रदर्शन में साफ दिखाई देने लगा है।
हाल ही में संपन्न झारखंड T20 लीग में विराट सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 पारियों में 395 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए और 49.37 की औसत तथा 178.73 के स्ट्राइक रेट के साथ टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे। उनकी कप्तानी में छोटा नागपुर रॉयल्स ने खिताब भी अपने नाम किया। विराट ने कहा कि यह सफलता उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि टीम को शुरुआत में कमजोर माना जा रहा था और प्रमुख खिलाड़ी कुमार कुशाग्र की अनुपस्थिति ने चुनौती और बढ़ा दी थी। इसके बावजूद टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और खिताब जीता।
उन्होंने बताया कि अब उनका नजरिया पूरी तरह बदल चुका है। विराट ने कहा कि वह हर दिन ऐसे अभ्यास करते हैं जैसे अगले ही दिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना है। उनके अनुसार यह सोच ही उन्हें लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में भी विराट सिंह का प्रदर्शन मजबूत रहा है। रणजी सीजन में उन्होंने 500 से अधिक रन बनाए, जबकि टी20 क्रिकेट में वह झारखंड के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं।
IPL अनुभव पर बात करते हुए विराट ने कहा कि चयन न होना या नीलामी में अनसोल्ड रहना करियर का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि असली ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि खिलाड़ी मैदान पर कितना आनंद ले रहा है और टीम के लिए कितना योगदान दे रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उम्र कभी बाधा नहीं हो सकती, अगर फिटनेस और प्रदर्शन मजबूत हो। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि लगातार प्रदर्शन ही सबसे बड़ा मानक है। विराट सिंह का मानना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ रन बनाना नहीं बल्कि हर मौके के लिए तैयार रहना है, ताकि जब भी राष्ट्रीय या आईपीएल स्तर पर अवसर मिले, वह पूरी तरह तैयार रहें।


