स्वेच्छा जाटव कैंप से बाहर, अब अंजुल से उम्मीदें

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तैयारी एशियन गेम्स की, 4 खिलाड़ी चुने गए थे मप्र के
भोपाल। दक्षिण एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता स्वेच्छा जाटव एशियन गेम्स के ट्रेनिंग कैंप के तीसरे दौर से बाहर हो गईं हैं। जबकि ब्रिक्स गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता अंजुल नामदेव से मध्यप्रदेश की उम्मीदें कायम हैं। दरअसल, वुशू फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बीते दिनों ननक्वांन इवेंटों में खिलाड़ी न भेजने का फैसला किया है। जबकि एशियाई खेलों में वुशू का ननक्वांन इवेंट शामिल है। ऐसे में राष्ट्रीय खेलों की रजत पदक विजेता मध्यप्रदेश की इस खिलाड़ी को कैंप से बाहर होना पड़ा।
फेडरेशन के सचिव सोहिल अहमद ने बताया कि ननक्वान में खिलाड़ियों का परफारमेंस अप-टू-द मार्क नहीं है। यदि पिछले एशियाई खेलों की बात करें तो 2006, 2010 और 2014 में सानसाऊ इवेंट में ही पदक आए हैं। हम चाहते हैं कि ताउलू में भी पदक आए। इसके लिए हमने ताउलू के दो और सानसाऊ के आठ खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए चीन भेजा है। जहां तक ताउलू के ननक्वान इवेंट को हटाने की बात है तो इन खिलाड़ियों का परफारमेंस अप-टू-मार्क नहीं था। हमने सभी को दो माह का मौका दिया। लेकिन वे इम्प्रूव नहीं कर पाए। कैंप के दो चरणों के बाद जब प्रदर्शन ठीक नहीं हुआ। तो तीसरे चरण से इन्हें हटाने का फैसला किया गया। साउथ एशियन खेलों में रजत जीत चुकी हैं स्वेच्छा: यहां याद दिलाना जरूरी है कि मध्यप्रदेश की स्वेच्छा जाटव गुवाहाटी में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में देश के लिए रजत पदक जीत चुकीं हैं। उन्होंने अब तक तीन दफा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रजत पदक जीते हैं। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर उनके नाम दस स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक हैं। उन्हें मप्र सरकार ने वर्ष 2017 में विक्रम अवॉर्ड से भी सम्मानित किया है।