नई दिल्ली: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर को खेला जाएगा। इस स्टेडियम में अब तक 6 वनडे मैच हो चुके हैं, इसलिए सभी की निगाहें पिच की स्थिति पर भी टिकी हुई हैं। भारतीय टीम साल 2025 में अपनी आखिरी वनडे सीरीज खेल रही है, जिसके बाद टीम इंडिया 50 ओवर के फॉर्मेट में अगली सीरीज 2026 में इंग्लैंड के दौरे पर खेलेगी। टीम इंडिया के लिए वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी के लिहाज से यह सीरीज महत्वपूर्ण है, जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।
टारगेट का पीछा करने वाली टीम का रहा दबदबा
रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले वनडे सीरीज के पहले मुकाबले की पिच की बात करें तो यहां अब तक बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिला है। इस मैदान पर खेले गए 6 वनडे मैचों में से तीन बार पीछा करने वाली टीम जीत हासिल करने में सफल रही, जबकि दो बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत दर्ज की और एक मुकाबला रद्द हो गया। इस पिच पर नई गेंद से शुरूआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, स्पिनर्स की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 260 से 265 के बीच रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से थोड़ा कम माना जा सकता है। ऐसे में अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 300 से अधिक का स्कोर खड़ा करने में सफल होती है, तो मुकाबला बेहद रोमांचक साबित हो सकता है।
टॉस का रहेगा निर्णायक महत्व
पहले वनडे मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होगी, जिससे टॉस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी। रांची में अब तक खेले गए 6 वनडे मैचों में टॉस जीतने वाली टीम ने केवल 2 मुकाबले जीते हैं, जबकि टॉस हारने वाली टीम ने 3 मैचों में जीत दर्ज की है। ऐसे में इस मुकाबले में टॉस का निर्णय काफी अहम माना जा रहा है, और इसे जीतने वाली टीम ओस की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुन सकती है।


