नई दिल्ली : गौतम गंभीर के भारतीय टीम के हेड कोच बनने के बाद से टीम में ऑलराउंडर्स को अधिक महत्व दिया जाने लगा है। इसका कारण यह है कि ऑलराउंडर होने से टीम के पास बैटिंग और बॉलिंग दोनों विकल्प बढ़ जाते हैं और मैच में संतुलन भी बेहतर रहता है। चाहे टेस्ट हो, वनडे या टी20, गंभीर की कोशिश रहती है कि प्लेइंग इलेवन में ऑलराउंडर्स को मौका मिले और टीम की ताकत बढ़े।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 11 जनवरी (सोमवार) से होगी। सीरीज के पहले मुकाबले में दोनों टीमों का सामना बड़ौदा में होगा, और भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करे। इस लिहाज से टीम की प्लेइंग इलेवन में तीन ऑलराउंडर्स को जगह दी जा सकती है, जिससे टीम को बैटिंग और बॉलिंग में संतुलन बनाए रखने में मदद मिले।
टीम इंडिया: प्लेइंग इलेवन में तीन ऑलराउंडर्स की संभावना
पहले वनडे की प्लेइंग इलेवन की बात करें तो ऑलराउंडर के रूप में नितीश कुमार रेड्डी को मौका मिल सकता है। वह तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हैं और वनडे सीरीज में हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में उन्हें उनका बैकअप माना गया है। इस वजह से संभावना है कि नितीश अंतिम ग्यारह में जगह बना लेंगे। नितीश रेड्डी ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है और उनकी यह फॉर्म उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मजबूत दावेदार बनाती है।
नितीश कुमार रेड्डी के अलावा पहले वनडे में अन्य दो ऑलराउंडर्स में से एक के रूप में रविंद्र जडेजा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। जडेजा एक शानदार स्पिनर हैं और बाएं हाथ से बैटिंग भी करते हैं, जिससे भारतीय बल्लेबाजी में और गहराई आएगी। इसके अलावा, वह विकेट निकालने में माहिर हैं और लाजवाब फील्डिंग के लिए भी जाने जाते हैं, जिससे टीम के लिए रन रोकने और मुकाबले में दबाव बनाने में मदद मिलती है।
भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने वाले तीसरे ऑलराउंडर को लेकर वाशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा के बीच टक्कर होगी। यानी पिच की स्थिति के आधार पर टीम चयन में इनमें से किसी एक को जगह दी जा सकती है। वाशिंगटन सुंदर के आने से भारत को अतिरिक्त स्पिन विकल्प मिलेगा और वह बैटिंग में भी योगदान देते हैं, वहीं हर्षित राणा तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में टीम के लिए उपयोगी रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

