नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज विश्वकप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने टाईब्रेकर में सधे हुए खेल के दम पर हमवतन और अनुभवी खिलाड़ी द्रोणावल्ली हरिका को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। दिव्या की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक और गौरवपूर्ण पल साबित हुई है। 19 साल की दिव्या ने टाईब्रेकर की पहली बाजी सफेद मोहरों से, जबकि दूसरी बाजी काले मोहरों से जीतीं। दोनों के बीच क्लासिकल प्रारूप की बाजियां बराबरी पर छूटी थीं। दिव्या पहली बार विश्वकप में खेल रही हैं। दिव्या से पहले 37 वर्षीय कोनेरू हंपी भी सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। दिव्या की सेमीफाइनल में चीन की तान जोंगयी से और हंपी की चीन की ही ली टिंग जी से टक्कर होगी।
शतरंज विश्वकप के इतिहास में पहली बार दो भारतीय खिलाड़ी एक साथ सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। हंपी और दिव्या के पास कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने का बेहतरीन मौका है। शीर्ष तीन खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रवेश मिलना है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का विजेता विश्व चैंपियन को चुनौती देता है। हरिका के पास दूसरे गेम में वापसी का मौका था, पर उन्हें मुकाबला गंवाना पड़ा। हरिका ने जैसे ही दिव्या से हाथ मिलाया, वह भावुक हो गईं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं।
पुरुष विश्व कप टूर्नामेंट का ऐलान
अंतरराष्ट्रीय शतरंज संगठन फिडे ने पुरुष विश्व कप टूर्नामेंट का ऐलान कर दिया है। यह विश्वकप 30 अक्तूबर से 27 नवंबर तक भारत में आयोजित किया जाएगा। अभी विश्वकप के आयोजन स्थल की घोषणा नहीं हुई है। इस टूर्नामेंट में कुल 206 शतरंज खिलाड़ी खेलेंगे। इससे पहले भारत ने 2002 में हैदराबाद में विश्वकप की मेजबानी की थी, जिसे आनंद ने जीता था।

