वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप: दीपिका कुमारी बाहर, 15 साल की गाथा खडके ने प्री-क्वार्टर में बनाई जगह

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दीपिका छठी बार भी मेडल से चूकीं, गाथा अब वर्ल्ड नंबर-1 सी-ह्योन से भिड़ेंगी

ग्वांगजू. भारत की अनुभवी तीरंदाज और पूर्व विश्व नंबर-1 दीपिका कुमारी वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप 2025 के व्यक्तिगत वर्ग में भी बाहर हो गईं। गुरुवार को खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में उन्हें इंडोनेशिया की दियानंदा चोइरुनिसा ने कड़े संघर्ष में 6-4 से हराया। निर्णायक सेट में दीपिका ने अहम मौके पर 8 अंक मारा, जिससे मुकाबला हाथ से निकल गया। इस हार के साथ दीपिका लगातार छठी बार विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने से चूक गईं।

15 वर्षीय गाथा खडके का कमाल

महाराष्ट्र की 15 साल की गाथा खडके ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय रिकर्व टीम की उम्मीदें जिंदा रखीं। वर्ल्ड नंबर-176 गाथा ने तीसरे दौर में जर्मनी की ओलिंपियन और विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज मिशेल क्रॉपेन बाउर को 6-4 से मात दी। गाथा ने संयम और आत्मविश्वास से खेलते हुए 28-26, 27-27, 27-28, 28-28 और 28-27 के स्कोर से जीत दर्ज की। अब वह प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भारत की इकलौती रिकर्व तीरंदाज हैं।

गाथा की पिछली उपलब्धियां

गाथा का यह प्रदर्शन उनके छोटे लेकिन प्रभावी करियर की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस साल जुलाई में मैड्रिड वर्ल्ड कप से सीनियर स्तर पर डेब्यू किया था और वहां भी प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं। साल की शुरुआत में हुए नेशनल ट्रायल्स में गाथा ने 686 अंक बनाकर सबको चौंका दिया था, जो उस प्रतियोगिता में सबसे ऊंचा स्कोर था। इतनी कम उम्र में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने भारतीय तीरंदाजी को नई उम्मीद दी है।

भारत का रिकर्व में सूखा

भारत को रिकर्व वर्ग में पिछले छह साल से मेडल का इंतजार है। आखिरी बार 2019 में डेन बॉश में भारतीय पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल जीता था। उसके बाद 2021 और 2023 की चैंपियनशिप में भारतीय रिकर्व तीरंदाज खाली हाथ लौटे। मौजूदा टूर्नामेंट में हालांकि भारत ने कंपाउंड वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया है। ऋषभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे की तिकड़ी ने पुरुष टीम इवेंट में फ्रांस को 235-233 से हराकर गोल्ड जीता, जबकि मिश्रित टीम ने रजत पदक अपने नाम किया।

सी-ह्योन से होगी कड़ी टक्कर

अब सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल पर टिकी हैं, जहां गाथा खडके का सामना पेरिस ओलिंपिक चैंपियन और वर्तमान वर्ल्ड नंबर-1 लिम सी-ह्योन से होगा। यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी। सी-ह्योन ने पिछले मैच में भारतीय खिलाड़ी अंकिता भगत को 6-2 से हराया था। ग्वांगजू में खेली जा रही इस चैंपियनशिप में अगर गाथा जीत दर्ज करती हैं, तो भारत के लिए रिकर्व वर्ग में लंबे समय बाद मेडल की उम्मीद फिर से जाग सकती है।

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