नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग 2027 (आईपीएल 2027) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी दिसंबर में होने वाली है। इससे पहले कई खिलाड़ियों के दूसरी टीमों में जाने को लेकर चर्चाएं और अटकलें तेज हो गई हैं। इनमें राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का नाम भी शामिल है। यशस्वी दूसरी टीम में जाएंगे या राजस्थान रॉयल्स के साथ बने रहेंगे, इस पर अगले एक महीने में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, उनके कोच ज्वाला सिंह चाहते हैं कि यशस्वी राजस्थान रॉयल्स का साथ न छोड़ें।
उनका मानना है कि यशस्वी के क्रिकेट करियर के विकास में फ्रेंचाइजी की अहम भूमिका रही है और दोनों का साथ उनके लिए फायदेमंद रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंह ने कहा कि यशस्वी जायसवाल को पहला सीजन खराब जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने मौका दिया था। फ्रेंचाइजी ने उसका हर तरह से सपोर्ट किया है। यशस्वी को राजस्थान रॉयल्स ने ही अटैकिंग प्लेयर बनाया। फिर यशस्वी विश्वास खरे उतरे और शानदार प्रदर्शन करके बताया कि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
पहले सीजन में निराश किया, फिर भी राजस्थान ने यशस्वी का साथ नहीं छोड़ा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “देखिए राजस्थान रॉयल्स एक ऐसी टीम है, जिसने उसको (यशस्वी जायसवाल) तब मौका दिया था जब उसको कोई क्रिकेट वर्ल्ड में उस तरीके से जानता नहीं था। मुझे अभी भी याद है कि अपने पहले आईपीएल में यशस्वी ने 3 मैचे में मात्र 40 रन बनाए थे। स्ट्राइक रेट भी 100 के अंदर का था। उसके बाद हम लोग बहुत नर्वस थे, वो भी नर्वस था, मैं भी नर्वस था।”
यशस्वी के करियर को संवारने में राजस्थान रॉयल्स का बड़ा योगदान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “हम लोगों को नहीं पता था कि अगले साल राजस्थान रॉयल्स क्या करेगा? उसको रिलीज कर देगा या रिटेन करेगा, लेकिन राजस्थान रॉयल्स ने एक और साल उसको दिया। उसको रिटेन किया, फिर उस सीजन में उसको पूरे मौके मिले। उसने सबसे तेज 50 बनाया। उसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने आज तक यशस्वी को हर तरीके से सपोर्ट किया है।”
यशस्वी के क्रिकेट करियर को संवारने में राजस्थान रॉयल्स का बड़ा योगदान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “मुझको लगता है कि उसके क्रिकेटिंग जर्नी में राजस्थान रॉयल्स का बहुत बड़ा हाथ है। वहां के कोच, वहां के सपोर्ट स्टाफ और उनका खुद का जो सेंटर है नागपुर में, उसमें उसको (यशस्वी जायसवाल) बहुत प्रैक्टिस करने मिला है। उसके डेवलपमेंट में राजस्थान रॉयल्स को बहुत श्रेय दिया जाता है। वहां के कोच को दिया जाता है। वहां पर रोमी भिंडर हैं, जुबिन भरूचा हैं, कुमार संगकारा थे, विक्रम राठौड़ थे। इन लोगों ने बहुत उसके ऊपर मेहनत की और ट्रस्ट दिखाया कि वह फ्री हो के खेल सके।
‘राजस्थान रॉयल्स और यशस्वी एक-दूसरे के पूरक’, बोले गुरु ज्वाला सिंह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “यशस्वी इतना अटैकिंग प्लेयर था नहीं, लेकिन जब उसको वह रोल दिया गया राजस्थान रॉयल्स में कि आप जाओ, आप जाके अटैक करो, फेल होने से भी कोई दिक्कत नहीं है, हम लोग आगे भी मैच देंगे। वहीं से वह ग्रूम हुआ और इस लेवल तक आया है। मुझे लगता है कि राजस्थान रॉयल्स ने जो उसके लिए किया है और जो राजस्थान रॉयल्स के बाद में उसने परफॉर्मेंस दिया है, वो एक दूसरे के पूरक हैं।”
यशस्वी जायसवाल की पहली पसंद रहेगी राजस्थान रॉयल्स
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ज्वाला सिंह ने कहा, “मेरे लिए तो राजस्थान रॉयल्स ही हमेशा प्राथमिकता रहेगी। फिलहाल ये अफवाहें हैं, लेकिन ऐसा कुछ कन्फर्मेशन नहीं है। मुझे तो लगता है कि राजस्थान रॉयल्स ने जो उसको इतना सपोर्ट किया है वह वहीं पर रहना चाहिए। अभी हम देखते हैं क्या होता है, लेकिन अभी वह राजस्थान रॉयल्स के साथ है।”


