नई दिल्ली : क्रिकेट की दुनिया में कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं, जो केवल रिकॉर्ड नहीं बल्कि गौरव का प्रतीक बन जाती हैं। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराना हर क्रिकेटर का सपना होता है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए महिला टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इस सपने को साकार करते हुए इतिहास रच दिया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड में जगह बनाई और भारतीय क्रिकेट की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। खास बात यह रही कि जिस सम्मान तक सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज भी नहीं पहुंच सके, उसे यास्तिका भाटिया ने अपने नाम कर लिया।
यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर, जबकि क्रांति गौड़ इस मैदान पर एक पारी में 5 विकेट लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गईं। ‘लिटिल मास्टर’ सुनील गावस्कर, ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर और ‘रन मशीन’ विराट कोहली ने अपने बल्ले से उपलब्धियों का अंबार लगाया, लेकिन तीनों दिग्गज कभी लॉर्ड्स में टेस्ट शतक नहीं लगा पाए। अगर कभी यह बात हो कि भारतीय क्रिकेट तीन दिग्गज क्या हासिल नहीं कर पाए तो शायद लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में शतक न लगा पाने की चर्चा सबसे पहले होगी। ऐसे में यास्तिका भाटिया की यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है।
यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में शतक जड़कर रचा इतिहास
लॉर्ड्स क्रिकेट गाउंड में यास्तिका भाटिया शतक लगाने वालीं भारत की 11वीं बल्लेबाज बनीं। दिलीप वेंगसरकर ने यहां सबसे ज्यादा तीन शतक लगाए थे। केएल राहुल के नाम दो शतक हैं। अजीत अगरकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, वीनू मांकड़, अजिंक्य रहाणे, रवि शास्त्री और गुंडप्पा विश्वनाथ ने शतक लगाए हैं। सौरव गांगुली ने तो डेब्यू ही लॉर्ड्स में किया था और शतक जड़ दिया था। राहुल द्रविड़ ने भी उसी मैच में डेब्यू किया था, लेकिन शतक से चूक गए थे।

लॉर्ड्स में पंजा खोलने वाले भारतीय गेंदबाज
लॉर्ड्स क्रिकेट गाउंड में क्रांति गौड़ पांच विकेट लेने वालीं भारत की 16वीं गेंदबाज हैं। उनसे पहले लाला अमरनाथ, अमर सिंह, बिशन सिंह बेदी, जसप्रीत बुमराह, भागवत चंद्रशेखर, रमाकांत देसाई, कपिल देव, भुवनेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार, मीनू मांकड़, मोहम्मद निसार, वेंकटेश प्रसाद, चेतन शर्मा, इशांत शर्मा और रुद्र प्रताप सिंह ने पांच-पांच विकेट लिए हैं।
लॉर्ड्स ऑनर बोर्ड पर दर्ज नाम बन जाता है इतिहास
लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर नाम दर्ज होना कितनी बड़ी बात है? इसका अंदाजा जसप्रीत बुमराह के बयान से लगाया जा सकता है, जो उन्होंने 2025 में इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट में 5 विकेट लेने पर दिया था। जसप्रीत बुमराह ने कहा था कि उनका बेटा जब बड़ा होगा तो वह उसे बताएंगे कि उन्होंने लॉर्ड्स में पांच विकेट लिए थे। लॉर्ड्स को ‘होम ऑफ क्रिकेट’ कहा जाता है, क्योंकि ‘भद्रजनों के खेल के सभी नियम यहीं बने हैं या बनते हैं।
तालियों की गूंज के बीच लॉन्ग रूम से गुजरता है खिलाड़ी
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड केवल एक मैदान नहीं, बल्कि क्रिकेट की परंपराओं और गौरव का प्रतीक माना जाता है। यहीं मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) का मुख्यालय स्थित है, जिसने दशकों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियमों के निर्माण और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लॉर्ड्स में शतक लगाने या एक पारी में पांच विकेट लेने वाले खिलाड़ियों का नाम प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड पर दर्ज किया जाता है। इसके बाद जब खिलाड़ी मैदान से ड्रेसिंग रूम की ओर लौटता है, तो ऐतिहासिक लॉन्ग रूम में मौजूद औपचारिक परिधान पहने एमसीसी सदस्यों की गूंजती तालियां उसका स्वागत करती हैं। यह सम्मान और गौरव का ऐसा क्षण होता है, जिसे हर क्रिकेटर अपने पूरे करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में शुमार करता है।


