नई दिल्ली : आईपीएल 2026 से ठीक पहले सनराइजर्स हैदराबाद फ्रेंचाइजी की मालकिन काव्या मारन सबके निशाने पर हैं। काव्या मारन की फ्रेंचाइजी, सनराइजर्स लीड्स, ने द हंड्रेड लीग के इस सीजन के लिए पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को टीम में शामिल किया, जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया। इस पर क्रिकेट लेजेंड सुनील गावस्कर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और खुलकर विरोध जताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने कहा कि “आपका पैसा भारतीय सैनिक और नागरिकों की मौत का कारण बन सकता है,” और इस कदम की तीखी आलोचना की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने कहा कि फ्रेंचाइजी और काव्या मारन को जो विरोध झेलना पड़ा, वह सही है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को दी जा रही रकम भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान के लिए खतरा बन सकती है। 76 साल के गावस्कर ने फ्रेंचाइजी के मालिकों को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराते हुए यह भी कहा कि शायद टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी को राजनीतिक हालात की पूरी जानकारी नहीं थी।
क्रिकेट लेजेंड गावस्कर ने दी चेतावनी: पैसा बन सकता है जानलेवा
क्रिकेट लेजेंड सुनील गावस्कर ने मिड-डे में लिखा कि द हंड्रेड लीग में एक फ्रेंचाइजी के भारतीय मालिक द्वारा किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो हंगामा मचा, वह बिल्कुल भी हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने यह भी बताया कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जा रही फीस पर वह खिलाड़ी अपनी सरकार को इनकम टैक्स के रूप में देता है, जिससे सरकार हथियार और गोला-बारूद खरीदती है, और इसका अप्रत्यक्ष असर भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान पर पड़ता है। इसी वजह से भारतीय संस्थाएं अब पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने को लेकर सतर्क रहती हैं।
पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने से करना था मना
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनील गावस्कर ने आगे लिखा कि चाहे कोई भारतीय संस्था पेमेंट कर रही हो या उसी संस्था की कोई विदेशी सब्सिडियरी, अगर मालिक भारतीय है तो वह भारतीय लोगों को होने वाले नुकसान में ही योगदान दे रहा है। बात इतनी ही सीधी है। ‘द हंड्रेड’ टीम के कोच न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी शायद इस सीधी-सी बात को न समझ पाए हों और इसीलिए शायद वह अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी चाहते हों, लेकिन टीम के मालिक को तो यकीनन इस स्थिति की समझ होनी चाहिए थी और उन्हें इन खिलाड़ियों को खरीदने से मना करना चाहिए था। क्या किसी ऐसे प्रारूप में टूर्नामेंट जीतना जिसे दुनिया का कोई और देश खेलता ही नहीं है भारतीय लोगों की जान से कहीं ज्यादा जरूरी है।
हैदराबाद फ्रेंचाइजी को पड़ सकता है विवाद का सामना
सुनील गावस्कर ने आगे कहा कि अगर 2026 के इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद को फैंस के विरोध का सामना करना पड़े, तो उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी। उन्होंने टीम के मालिकों से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि टीम, चाहे अपने घरेलू मैदान पर खेले या बाहर, हर मैच के दौरान भारतीय फैंस के जोरदार प्रदर्शन और विरोध का सामना करेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी बताया कि इसमें भी कोई हैरानी नहीं होगी कि टीम में कुछ बेहतरीन बल्लेबाज होने के बावजूद दर्शक स्टेडियम में नहीं आएंगे और इस फैसले के प्रति अपनी नाराजगी स्पष्ट रूप से जताएंगे।


