जयपुर. आईपीएल 2026 में Rajasthan Royals का घरेलू मैदान जयपुर अब उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है। टीम ने गुवाहाटी में अपने तीनों मुकाबले जीते, लेकिन जयपुर में अब तक खेले गए तीनों मैच हार चुकी है। लगातार हार और गेंदबाज़ों के खराब प्रदर्शन के बाद राजस्थान के बॉलिंग कोच Shane Bond ने साफ कहा है कि गेंदबाज़ों को “कुछ अलग” करना होगा। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में राजस्थान ने 200 से ज्यादा रन फिर गंवाए। यह लगातार चौथा मुकाबला था जिसमें टीम के गेंदबाज़ विपक्षी बल्लेबाज़ों को रोकने में नाकाम रहे। टीम अब अंक तालिका में पांचवें स्थान पर खिसक गई है और प्लेऑफ की राह मुश्किल होती जा रही है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर और कमेंटेटर Deep Dasgupta ने कहा कि समस्या सिर्फ खराब क्रिकेट खेलने की है।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि जयपुर में कोई अलग समस्या है। राजस्थान ने वहां अच्छा क्रिकेट नहीं खेला। बल्लेबाज़ी काफी हद तक टॉप ऑर्डर पर निर्भर रही है और मिडिल ऑर्डर लगातार संघर्ष कर रहा है। ध्रुव जुरेल का प्रदर्शन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।” वहीं पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज़ Mitchell McClenaghan ने माना कि जयपुर की पिचें Jofra Archer जैसे तेज गेंदबाज़ों के लिए मददगार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “पहले के मुकाबलों में आर्चर को उछाल और मूवमेंट मिल रही थी, जिससे वह बल्लेबाज़ों पर हावी दिख रहे थे। लेकिन जयपुर की पिचों पर वह मदद नहीं मिल रही। यहां न तो ज्यादा स्विंग है और न ही अतिरिक्त बाउंस।” गुजरात के खिलाफ मैच में आर्चर का पहला ओवर बेहद महंगा साबित हुआ। उन्होंने ओवर पूरा करने के लिए 11 गेंदें फेंकी और कुल 18 रन दे डाले। इस ओवर में नो-बॉल और कई वाइड गेंदें शामिल थीं। मिचेल मैक्लेनघन ने मजाकिया अंदाज में कहा, “उसे देखकर ही मैं थक गया था। वह बिल्कुल लय में नहीं दिख रहे थे। लंबे ब्रेक के बाद कभी-कभी गेंदबाज़ अपनी रिद्म खो देते हैं और आर्चर के साथ भी कुछ ऐसा ही नजर आया।”
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेन बॉन्ड ने गेंदबाज़ों की रणनीति और सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आईपीएल में बल्लेबाज़ अब बेहद आक्रामक क्रिकेट खेल रहे हैं और ऐसे में गेंदबाज़ों को भी अपने खेल में बदलाव लाना होगा। बॉन्ड ने कहा, “अगर गेंदबाज़ हर मैच में वही चीज़ दोहराएंगे और नतीजे भी वही रहेंगे, तो उन्हें समझना होगा कि कुछ बदलने की जरूरत है। बल्लेबाज़ अब रिवर्स, स्कूप और अपरकट जैसे नए शॉट खेल रहे हैं। ऐसे में गेंदबाज़ों को भी नई स्किल्स विकसित करनी होंगी।” उन्होंने आगे कहा, “गेंदबाज़ों को बल्लेबाज़ों की कमजोरियों पर ज्यादा काम करना होगा। उन्हें अलग रन-अप, अलग एंगल और नई योजनाओं के साथ उतरना होगा। यह मुश्किल जरूर है, लेकिन यही मौका भी है खुद को बेहतर साबित करने का।” लगातार हार के चलते राजस्थान रॉयल्स की प्लेऑफ की स्थिति अब खतरे में पड़ गई है। टीम के पास अभी तीन लीग मैच बाकी हैं और आगे की राह आसान नहीं दिख रही।


