नई दिल्ली : चीन की महज 13 साल की तैराक यू जिडी ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। महिला 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में यू जिडी ने बेहतरीन तैराकी का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इस स्पर्धा में नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया। उन्होंने 2 मिनट 05.08 सेकंड का समय निकालकर रेस पूरी की और दूसरे स्थान पर रहीं चांग मोहान को 3 सेकंड से अधिक के अंतर से पीछे छोड़ा। 13 साल की उम्र में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतना यू जिडी की उपलब्धि को और खास बनाता है।
एशियन गेम्स में यू जिडी का पहला व्यक्तिगत खिताब
अगले महीने 14 साल की होने जा रहीं यू जिडी ने तीन साल पहले उनकी हमवतन झांग युफेई द्वारा बनाए गए एशियन गेम्स रिकॉर्ड को करीब आधे सेकंड से बेहतर किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खास बात यह रही कि यह यू का किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पहला व्यक्तिगत खिताब है। हालांकि, शानदार प्रदर्शन के बावजूद यू अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आईं। स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद जब उनसे उनकी रेस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, यह बस ठीक-ठाक था।
महज 13 साल की उम्र में एशियाड में रचा इतिहास
यू जिडी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह अभी सिर्फ 13 साल की हैं। एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन ने उन्हें तैराकी की दुनिया की उभरती हुई प्रतिभाओं में शामिल कर दिया है। यू का 2:05.08 सेकंड का समय कनाडा की समर मैकिन्टोश के 2:01.65 के विश्व रिकॉर्ड से चार सेकंड से भी कम पीछे है। इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड के करीब पहुंचना उनके भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है।
यू इससे पहले भी इतिहास रच चुकी हैं। 2025 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने 12 साल की उम्र में चीन की रिले टीम के साथ कांस्य पदक जीता था। इसके साथ ही वह तैराकी के इतिहास में विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं। हालांकि, एशियन गेम्स का स्वर्ण उनके लिए अलग मायने रखता है, क्योंकि यह उनका पहला बड़ा व्यक्तिगत खिताब है और उन्होंने इसे गेम्स रिकॉर्ड के साथ हासिल किया है।
एशियाड में चीन का दबदबा, यू जिडी ने बिखेरी चमक
यू जिडी का प्रदर्शन एशियन गेम्स में चीन के मजबूत तैराकी अभियान के बीच आया है। प्रतियोगिता की पहली रात चीन ने तैराकी के सात में से छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिसमें यू का प्रदर्शन भी सबसे प्रभावशाली रहा। लेकिन यू सिर्फ टीम की सफलता का हिस्सा बनकर संतुष्ट नहीं हैं। वह आने वाले समय में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यू ने कहा, ‘मैं और तेज तैरना चाहती हूं। यहां मैंने अपने समय में 0.9 सेकंड का सुधार किया है और मुझे विश्वास है कि अगली बार मैं इससे बेहतर प्रदर्शन करूंगी।’
गोल्ड के बाद यू जिडी की नजर ओलंपिक पोडियम पर
यू जिडी की नजर अब भविष्य की बड़ी उपलब्धियों पर है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि वह ओलंपिक में पदक जीतना चाहती हैं और आगे चलकर पोडियम के शीर्ष पायदान पर पहुंचना उनका लक्ष्य है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत को अहम बताते हुए उन्होंने कहा, “मैं दिन-ब-दिन कड़ी ट्रेनिंग करती हूं। सफलता रातोंरात नहीं मिलती।” यू जिडी अभी स्कूली छात्रा हैं और अक्टूबर में ही 14 साल की होंगी। इतनी कम उम्र में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाने की उनकी उपलब्धि ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। उनके प्रदर्शन को देखते हुए आने वाले वर्षों में विश्व तैराकी में यू जिडी का नाम और अधिक चर्चा में रहने की उम्मीद है।


