नई दिल्ली : एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। परवीन ने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया, जबकि साक्षी और सुमित को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। परवीन को तजाकिस्तान की मलिका नोजिमोवा के खिलाफ वॉकओवर मिला, जिसके बाद उन्होंने अगले दौर में प्रवेश किया। अब परवीन पदक पक्का करने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों का पदक सुनिश्चित हो जाता है।
भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी महिलाओं के 51 किलो वर्ग में कजाखस्तान की अलुआ बाल्कीबेकोवा से प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं। हरियाणा की 26 वर्ष की साक्षी ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था लेकिन यहां वह लय कायम नहीं रख सकीं। पहले दौर के बाद कजाखस्तान की मुक्केबाज 3-2 से आगे थी। दूसरे दौर में साक्षी ने आक्रामकता दिखाई लेकिन बाल्कीबेकोवा ने 3-2 से फिर बढ़त बनाई। आखिरी दौर में साक्षी वापसी करने में नाकाम रही।
चोट के चलते सुमित को छोड़ना पड़ा मुकाबला
इससे पहले पुरुषों के 70 किलोग्राम प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुमित को इराक के अल सारे अली के खिलाफ चोट के कारण मुकाबले से बाहर होना पड़ा। हरियाणा के 23 वर्षीय सुमित पहले 2 राउंड में बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन तीसरे राउंड में एक मुक्के से बचने की कोशिश के दौरान उनके घुटने में चोट लग गई और वह रिंग में गिर पड़े। चोट के कारण वह आगे मुकाबला जारी नहीं रख सके, जिसके बाद रैफरी ने मुकाबला रोककर उनके प्रतिद्वंद्वी को विजेता घोषित कर दिया। इससे पहले सुमित ने अपने शुरुआती मुकाबले में थाईलैंड के बुंजोंग सिनसिरी को 5-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।


