नई दिल्ली : लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अर्जेंटीना के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए टीम को यादगार जीत दिलाई। मिस्र के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन 79वें मिनट तक 0-2 से पिछड़ रहा था और उसके बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था। ऐसा लगने लगा था कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद अब मेसी का भी विश्व कप सफर समाप्त हो जाएगा। लेकिन इसके बाद मेसी की अगुआई में अर्जेंटीना ने महज 11 मिनट के भीतर तीन गोल दागकर मुकाबले का पासा पलट दिया और 3-2 की रोमांचक जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
इसके बाद अर्जेंटीना ने चमत्कारिक वापसी करते हुए तीन गोल दागकर जीत दर्ज की और दुनिया भर में उसके करोड़ों प्रशंसकों ने भी राहत की सांस ली। इसमें से बराबरी का गोल 83वें मिनट में छठा विश्व कप खेल रहे मेसी ने दागा था जिनके अब विश्व कप कैरियर में 21 गोल हो गए हैं। अब अर्जेंटीना का सामना शनिवार (11 जुलाई) को कंसास सिटी में स्विटजरलैंड या कोलंबिया से होगा।
मेसी की आँखें हुईं नम
आखिरी सीटी बजने के बाद मेसी अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने 83वें मिनट में इस विश्व कप में आठवां गोल करके टीम को 2-2 से बराबरी पर पहुंचाया। विजयी गोल स्टॉपेज टाइम में एंजो फर्नांडिस ने दागा। वहीं क्रिस्टियन रोमेरो ने 79वें मिनट में अर्जेंटीना के लिये पहला गोल किया था।
मेसी पेनल्टी पर चूके
मिस्र ने यासिर इब्राहिम और मुस्तफा जिको के गोल के दम पर 2-0 से बढ़त बना ली थी। मेसी को पहले हाफ में मौका मिला था, लेकिन उनकी पेनल्टी किक को मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बचा लिया था। फिर जब स्कोर 1-0 था, तब उनका शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। अर्जेंटीना की नजरें लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली ब्राजील (1958 और 1962) के बाद पहली टीम बनने पर है।
15वें मिनट में मिस्र ने बनाई बढ़त
मैच से पहले अर्जेंटीना को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन 15वें मिनट में मिस्र ने बढ़त बना ली जब लिसांद्रो मार्तिनेज को चकमा देकर इब्राहिम ने मारवान आतिया के क्रॉस पर गोल दाग दिया। अर्जेंटीना को तुरंत पेनल्टी स्पॉट के साथ बराबरी का मौका मिला, लेकिन मेसी के शॉट को शोबीर ने बायीं ओर डाइव लगाकर बचा लिया।
ऑस्ट्रिया के खिलाफ पेनल्टी पर चूके मेसी
इससे पहले ग्रुप चरण में भी लियोनेल मेसी ऑस्ट्रिया के खिलाफ पेनल्टी को गोल में नहीं बदल पाए थे। विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले मेसी टूर्नामेंट में मिली आठ पेनल्टी में से चार पर गोल करने से चूक चुके हैं। दूसरी ओर, मिस्र ने दूसरे हाफ की शुरुआत में जिको के गोल से अपनी बढ़त दोगुनी कर ली थी, लेकिन वीडियो सहायक रेफरी (वीएआर) की समीक्षा के बाद वह गोल अमान्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, जिको ने 67वें मिनट में फिर गोल दागकर मिस्र को 2-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।


