नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में शुमार चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में एक युग का अंत हो गया। फ्रेंचाइजी ने सोमवार (13 जुलाई) को मुख्य कोच स्टीफेन फ्लेमिंग से 17 साल पुराना नाता समाप्त करने की घोषणा की। फ्लेमिंग 2008 में सीएसके से खिलाड़ी के रूप में जुड़े थे और 2009 में मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके मार्गदर्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने सफलता की नई इबारत लिखी। टीम ने पांच आईपीएल खिताब और दो चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफियां अपने नाम कीं। फ्लेमिंग का लंबा और सफल कार्यकाल सीएसके के स्वर्णिम दौर का अहम अध्याय माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “सुपर किंग्स और स्टीफेन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। इसके साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास की सबसे सफल और सबसे लंबे समय तक चली साझेदारियों में से एक का समापन हो गया। फ्लेमिंग और सुपर किंग्स प्रबंधन के बीच खुली, ईमानदार और सकारात्मक बातचीत के बाद यह निर्णय आपसी सम्मान, विश्वास और आभार की भावना के साथ लिया गया।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फ्रेंचाइजी ने यह भी कहा कि फ्लेमिंग का योगदान हमेशा टीम की विरासत का अभिन्न हिस्सा रहेगा और उनके नेतृत्व में मिली उपलब्धियां सीएसके के स्वर्णिम इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी।
17 साल बाद विदाई, जानिए फ्लेमिंग ने क्या कहा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फ्लेमिंग ने कहा, ’18 साल खेल में जीवन खपाना होता है और मैं शुक्रगुजार हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ मेरा सफर मेरे कोचिंग करियर का सबसे बड़ा पल रहा है। हमने जो कुछ भी हासिल किया है उस पर मुझे गर्व है। साथ मिलकर हमने यादगार जीत का जश्न मनाया। मुश्किल पलों से गुजरे और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। सीएसके हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी और मैं आने वाले कई सालों तक टीम को चीयर करता रहूंगा।’
खराब प्रदर्शन ने बदली चेन्नई की तस्वीर
चेन्नई सुपर किंग्स ने स्टीफन फ्लेमिंग के मुख्य कोच रहते हुए स्वर्णिम दौर देखा। उनके मार्गदर्शन में टीम ने 11 संस्करणों में नॉकआउट या प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर अपनी निरंतरता का शानदार परिचय दिया। हालांकि, 2023 में खिताब जीतने के बाद टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा। 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स अपने इतिहास में पहली बार अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही। वहीं, 2026 में भी टीम लगातार तीसरे सत्र में प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही और अंक तालिका में आठवें स्थान पर रहकर अभियान समाप्त किया।
एसए20 और एमएलसी में भी कोचिंग की जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल के अलावा स्टीफेन फ्लेमिंग ने सुपर किंग्स समूह की अन्य फ्रेंचाइजी टीमों के साथ भी मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाई। उनकी देखरेख में एसए20 लीग की जोबर्ग सुपर किंग्स लगातार चारों संस्करणों में प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन एक भी बार फाइनल में जगह नहीं बना सकी। वहीं, मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) में टेक्सास सुपर किंग्स ने शुरुआती तीनों सत्रों में प्लेऑफ का टिकट तो हासिल किया, लेकिन खिताबी मुकाबले तक नहीं पहुंच पाई। 2026 के एमएलसी सीजन में टीम का प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा। टेक्सास सुपर किंग्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई और अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने कोचिंग विभाग में बदलाव करते हुए फ्लेमिंग से अलग होने का फैसला किया।


