धोनी के समर्थन में उतरे मुनाफ पटेल, इरफान पठान पर साधा निशाना

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नई दिल्ली : भारत की 2011 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने हुक्का विवाद को लेकर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का खुलकर बचाव किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान के उस दावे पर सवाल उठाए, जिसमें कहा गया था कि धोनी उन खिलाड़ियों को अधिक तवज्जो देते थे जो उनके लिए हुक्का तैयार करते थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरफान के इस बयान के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में काफी चर्चा और विवाद छिड़ गया था। अब मुनाफ पटेल ने धोनी के समर्थन में उतरते हुए इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान की छवि पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।

अपने अनुभव साझा करते हुए मुनाफ पटेल ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की जमकर सराहना की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि धोनी हमेशा गेंदबाजों को अपनी योजनाओं के अनुसार गेंदबाजी करने की पूरी आजादी देते थे और जरूरत पड़ने पर बेहतर विकल्प भी सुझाते थे। विमल कुमार के पॉडकास्ट में मुनाफ ने हुक्का विवाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर पूर्व खिलाड़ी संन्यास के बाद ही ऐसे मुद्दे क्यों उठाते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, “अगर धोनी मुंह खोल देंगे तो क्या होगा?” मुनाफ का मानना है कि धोनी ने हमेशा टीम को प्राथमिकता दी और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

‘धोनी मुंह खोल देंगे तो क्या होगा?’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुनाफ पटेल ने कहा, ‘आप अगर सच्चे थे तो उस टाइम बोले होते। आज रिटायर हो के और कुछ भी बोल रहे हो तो उसका तो मतलब है ही नहीं ना। या तो आपके फॉलोवर्स बढ़ा रहे हो या उसे बदनाम कर रहे हो दो ही चीज है। भाई वो उसने आज तक एक भी रिप्लाई दिया? सोचो अगर वो मुंह खोल देगा तो क्या होगा?’

‘चुप्पी ही एमएस धोनी की सबसे बड़ी ताकत’

यह पूछे जाने पर कि धोनी कुछ बोलते क्यों नहीं है? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुनाफ ने कहा, ‘उसका लेवल और जो बोल रहा उसके लेवल में तो बहुत ज्यादा फर्क है। वो इसलिए तो एमएस धोनी है कि वो नहीं बोल रहा। बोलता तो एमएस धोनी नहीं रहता। तो आपका चुप रहना है आंसर है। हर चीज के लिए क्या ही सर किसी को आंसर देना है। जब आप सच्चे थे तो उस टाइम बोलते।’

आखिर हुक्का कौन बना रहा था?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुनाफ ने कहा, ‘मुझे तो इतना समझ आ रहा है। अब तो आप घर बैठे हो पैसे कमा रहे हो। बोलने के पैसे कमा रहे हो तो आप कुछ भी बोल रहे हो। तब आप खुद ही थे ना जो हुक्का बना रहे थे। क्यों बना रहे थे? भाई लोगों की लड़ाई तो यही है कि उसके रूम में जाके हुक्का बनाना पड़ता था। तो भाई जब आपकी खुद गलती थी तो ना पीते।’

‘व्यसन था तो खुद ही जा रहे थे’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुनाफ पटेल ने अपने बयान में कहा कि टीम के कई खिलाड़ी ऐसे थे जिन्होंने कभी हुक्का नहीं पिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “मैं, गौतम गंभीर, इशांत शर्मा और वीरेंद्र सहवाग कभी हुक्का नहीं पीते थे। सचिन तेंदुलकर ने भी कभी ऐसा नहीं किया। अगर किसी को इसकी आदत नहीं थी, तो वह इससे दूर रह सकता था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब वर्षों बाद इस मुद्दे को उठाने का क्या मतलब है?” मुनाफ ने आगे कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को हुक्का पीने की इच्छा होती थी, तो वह उसकी अपनी पसंद थी। “अगर व्यसन के लिए खुद जा रहे थे, तो खुद ही तैयार कर लेते। कप्तान का काम किसी के लिए हुक्का बनाना नहीं होता। वह टीम का नेतृत्व करने के लिए होता है, न कि ऐसी व्यक्तिगत चीजों के लिए,” उन्होंने कहा।

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