नई दिल्ली : श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव का प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद उम्मीद की जा रही थी कि टेस्ट क्रिकेट में कुलदीप भारत के प्रमुख स्पिनर की भूमिका निभाएंगे, लेकिन अब तक वह उस उम्मीद पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए हैं। स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में भी कुलदीप संघर्ष करते नजर आए हैं, जिससे कोलंबो टेस्ट में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पिछली 5 पारियों में कुलदीप यादव ने 54.5 ओवर किए हैं। 213 रन लुटाने के बाद 4 विकेट लिए हैं। 3 पारियों में वह विकेट नहीं ले पाए हैं। इनमें 2 पारियों में उन्होंने अफगानिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ गेंदबाजी की है। इस खराब प्रदर्शन और मानव सुतार जैसे युवा स्पिनर के उभरने के बाद कुलदीप प्राथमिकता में नीचे खिसकते दिखाई दे रहे हैं। इसके कारण यह सवाल होने लगा है कि क्या कोलंबो टेस्ट से कुलदीप यादव बाहर होंगे या गौतम गंभीर और शुभमन गिल उनपर भरोसा रखेंगे। उन्हें एक और मौका देंगे।
सारांश जैन को मिल सकता है मौका
कुलदीप यादव की जगह लेने के लिए भारत के पास सारांश जैन विकल्प हैं। कुलदीप के अलावा सुतार और रविंद्र जडेजा भी बाएं हाथ के स्पिनर हैं। ऐसे में विविधता के लिए ऑफ स्पिनर सारांश को मौका देने के बारे में सोचा जा सकता है। सुतार की अच्छी गेंदबाजी और जडेजा के ऑलराउंडर प्रतिभा के देखते हुए कुलदीप यादव ही ड्रॉप हो सकते हैं।
क्या गिल-कुलदीप के भरोसे में आई कमी?
कुलदीप यादव के ड्रॉप होने की संभावना इसलिए भी प्रबल नजर आ रही है, क्योंकि गॉल टेस्ट में उनका इस्तेमाल काफी देर से किया गया। कई मौकों पर उन्हें गेंदबाजी के लिए देर से लाया गया, जिससे ऐसा लगा कि कप्तान शुभमन गिल का उन पर पूरा भरोसा नहीं है। गॉल टेस्ट की पहली पारी में मानव सुतार और रविंद्र जडेजा ने 20 से अधिक ओवर गेंदबाजी की, जबकि कुलदीप को सिर्फ 14 ओवर मिले। दूसरी पारी में भी सुतार और जडेजा को कुलदीप से अधिक गेंदबाजी कराई गई। कुलदीप को दूसरी पारी में सिर्फ 11 ओवर मिले और गेंदबाजी के लिए वह 29वें ओवर में आए। इस तरह वह टीम के पांचवें गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होते नजर आए।


