तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया दमखम, मणिपुर का पारंपरिक खेल थांगता बढ़ा रहा लोकप्रियता
(NST News) भोपाल. एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में शनिवार को 6वीं राज्य स्तरीय थांगता प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। जिला थांगता एसोसिएशन भोपाल द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 20 जिलों से करीब 300 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. एन.के. थापक ने किया। इस मौके पर क्रीड़ा भारती प्रांत संयोजक मनीष बाजपेई, स्पोर्ट्स डायरेक्टर पंकज कुमार जैन, राष्ट्रपति अवॉर्डी पी.एस. दारा, मध्यप्रदेश थांगता एसोसिएशन के महासचिव शिवेंद्र सिंह परमार, कोषाध्यक्ष प्रवेश राजा और जिला सचिव राजेंद्र कुमार पाल मौजूद रहे। पहले दिन बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और अपने-अपने आयु व वजन वर्ग में पदक जीते। विजेताओं में -25 किग्रा वर्ग में नक्ष जैसवाल प्रथम और अमोल खेतपाल द्वितीय रहे। -29 किग्रा वर्ग में अंश ढोक ने स्वर्ण और लक्षित अंजना ने रजत जीता। इसी तरह -33 किग्रा वर्ग में पर्व शर्मा प्रथम और कार्तिक सोनी द्वितीय रहे, जबकि पार्थ लारोकर तीसरे स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता में भोपाल, जबलपुर, मंडला, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, शाजापुर, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और सागर समेत कई जिलों के खिलाड़ी शामिल हैं। थांगता मणिपुर का पारंपरिक मार्शल आर्ट है जिसे अब खेलो इंडिया और नेशनल गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भी जगह मिल रही है। खिलाड़ियों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ न सिर्फ इस पारंपरिक खेल को लोकप्रिय बना रही हैं बल्कि युवाओं को आत्मरक्षा और अनुशासन की शिक्षा भी दे रही हैं। एलएनसीटी विश्वविद्यालय में हो रहा यह आयोजन प्रदेश में थांगता के विस्तार और नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


