नई दिल्ली: इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर और पूर्व क्रिकेटर इयान बॉथम ने समरसेट और डरहम के बीच खेले गए काउंटी मैच के बाद सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर की। महज दो दिन में खत्म हुए इस मुकाबले में महज 5 सत्र में 35 विकेट गिर गए। इससे पिच की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि पिच को लेकर विवाद आमतौर पर भारत में होता रहा है, लेकिन अब इंग्लैंड में खुद उनके पूर्व खिलाड़ी इस पर आक्रोशित हैं।
दो दिन में सिमटा मैच, इयान बॉथम ने पिच को बताया ‘बेहद घटिया’
यह मुकाबला टांटन के समरसेट स्थित द कूपर एसोसिएट्स ग्राउंड में खेला गया। यही पिच मैच के केंद्र में रही, जिस पर दो दिन में 35 विकेट गिरने से विवाद खड़ा हो गया। समरसेट ने डरहम को दो दिन के भीतर 5 विकेट से हराया, लेकिन जीत के तरीके पर सवाल उठ गए। डरहम की पहली पारी 145 रन पर सिमट गई। इसमें क्रेग ओवरटन ने महज 23 रन देकर 6 विकेट झटके। जवाब में समरसेट ने 250 रन बनाए। समरसेट की ओरसे टॉम लैमोनबी ने 89 रन की पारी खेली।
डरहम की ओर से जॉर्ज ड्रिसेल ने 13.3 ओवर में 59 रन देकर 5 विकेट झटके। डरहम की दूसरी पारी 58.2 ओवर में 190 रन पर ऑलआउट हो गई। डरहम की ओर से 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए। इनमें से 4 तो खाता भी नहीं खोल पाए। एमिलियो गे, नील वैगनर, विकेटकीपर ओलिवर रॉबिन्सन, ग्राहम क्लार्क और बेन राइन ही कुछ संघर्ष कर पाए। डरहम की दूसरी पारी को तहस-नहस करने में समरसेट के जैक लीच और दिग्गज माइकल वॉन के बेटे आर्ची वॉन की स्पिन जोड़ी की भूमिका रही। जैक लीच ने 63 रन देकर 6 और आर्ची वॉन ने 85 रन देकर 4 विकेट झटके।
‘यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट नहीं’: बॉथम ने पिच पर उठाए सवाल
समरसेट की जीत के बाद इयान बॉथम ने पिच की गुणवत्ता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। इयान बॉथम अभी डरहम के मानद अध्यक्ष हैं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘मैच शुरू होने से पहले ही। एक पूर्व समरसेट खिलाड़ी के रूप में मैं इसे बेहद शर्मनाक मानता हूं। जब काउंटी क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपयोगिता पर पहले ही सवाल उठ रहे हैं और समरसेट के सदस्यों ने बदलाव के बजाय पुराने ढर्रे को जारी रखने के पक्ष में रहने को तवज्जो दी है, तब क्लब इस तरह की पिच तैयार करता है।’
डरहम की शुरुआती आपत्ति हुई सही साबित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लिखा, ‘गर्मियों के इस मौसम में यह पिच फर्स्ट क्लास क्रिकेट के लायक नहीं है। मुझे हैरानी नहीं है कि रॉब (की) और बेन (स्टोक्स) को टेस्ट टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन करते समय काउंटी प्रदर्शन को नजरअंदाज करना पड़ता होगा। डरहम ने मैच से एक दिन पहले ही इस पिच पर गंभीर आपत्ति जताई थी।’
इयान बॉथम बोले – अब जरूरी है बदलाव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इयान बॉथम का मानना है कि बदलाव जरूरी है। उन्होंने लिखा, ‘अब बदलाव जरूरी है। समरसेट और डरहम दोनों के पास उच्च स्तर के बल्लेबाज हैं। समरसेट को ऐसी पिच बनाने की जरूरत ही नहीं थी। इससे खेल एक मजाक बनकर रह जाता है।’
सिर्फ पिच नहीं, अब पूरी प्रणाली पर सवाल
इयान बॉथम का गुस्सा सिर्फ एक खराब पिच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काउंटी क्रिकेट की गिरती विश्वसनीयता और व्यवस्थागत कमजोरियों को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब बदलाव जरूरी है, वरना फर्स्ट क्लास क्रिकेट की साख खतरे में पड़ सकती है। जब दिग्गज अंग्रेज खुद कह रहे हैं कि ऐसी परिस्थितियों में युवा खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के लिए आंकना मुश्किल है, तो यह पूरी प्रणाली के लिए एक चेतावनी है। हालांकि, समरसेट के कोच जैसन केर ने पिच को ‘बेहतरीन’ बताया और कहा कि 400 रन एक दिन में बने, ऐसे में पिच खराब कैसे हो सकती है? उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस सीजन में लगातार क्रिकेट के कारण उन्हें एक ‘यूज्ड पिच’ इस्तेमाल करनी पड़ी।
पिच विवाद पर बॉथम का कटाक्ष – भारत में होता तो मचता हंगामा
भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई टेस्ट मैच तीन दिन से पहले समाप्त होता है, तो पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगते हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय मैदानों और क्यूरेटरों को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो आईसीसी की ओर से जांच तक बैठा दी जाती है। अब जब ग्लैंड जैसे देश में दो दिन में 35 विकेट गिरे तो वहां के ही दिग्गज सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि पिच का विवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि क्रिकेट के खेल के लिए बड़ी चुनौती है।


