नई दिल्ली। कज़ाख़स्तान के श्यमकेंट में 16वीं एशियाई निशानेबाज़ी चैम्पियनशिप में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। अंकुर मित्तल ने डबल ट्रैप में नया एशियाई चैम्पियनशिप रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। चार राउंड में 26, 28, 26 और 27 हिट्स के साथ कुल 107 अंक हासिल करने वाले अंकुर ने प्रतियोगिता में कज़ाख़स्तान के आर्टिओम चिकुलायेव को पीछे छोड़ा। अंकुर ने भानु प्रताप सिंह और हर्षवर्धन काविया के साथ टीम कांस्य भी जीता। इस जीत के साथ भारत का कुल पदक आंकड़ा 103 तक पहुंच गया, जिसमें 52 स्वर्ण, 26 रजत और 25 कांस्य शामिल हैं, जो भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
डबल ट्रैप जूनियर वर्ग में हतीम खान मोहम्मद ने 89 हिट्स के साथ रजत और मानवराजसिंह चुडासमा ने 87 हिट्स के साथ कांस्य पदक जीते। दोनों ने मिलकर टीम स्वर्ण भी भारत को दिलाया। डबल ट्रैप महिला वर्ग में भारत ने पोडियम क्लीन स्वीप किया। अनुश्का सिंह भाटी ने स्वर्ण, राजकुंवर प्रनिल इंगले ने रजत और यशाया हाफिज कॉन्ट्रैक्टर ने कांस्य पदक जीते। इस तिकड़ी ने टीम स्वर्ण भी अपने नाम किया। महिला जूनियर वर्ग में अवनी अलंकार कोली ने कांस्य और टीम रजत पदक जीता।
50 मीटर राइफल प्रोन महिला वर्ग में मनीनी कौशिक ने 617.8 स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने सुरभि भारद्वाज और विदर्शा के. विनोद के साथ मिलकर टीम रजत भी जीता। जूनियर वर्ग में प्राची गायकवाड़ ने 616.6 स्कोर के साथ रजत पदक जीता और टीम कांस्य में भी भारत का योगदान रहा। 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पुरुष वर्ग में राजकंवर सिंह ने प्रिसीजन राउंड में 289 और रैपिड राउंड में 294 के स्कोर के साथ कुल 583-22x बनाकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने गुरप्रीत सिंह और अंकुर गोयल के साथ मिलकर टीम स्वर्ण भी भारत को दिलाया। 25 मीटर पिस्टल पुरुष जूनियर वर्ग में सुरज शर्मा, अभिनव चौधरी और मुकेश नेलवल्ली ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते और टीम स्वर्ण में भी भारत का परचम लहराया।
इस चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन पिछले रिकॉर्ड से कहीं बेहतर रहा। 15वीं एशियाई चैम्पियनशिप में भारत ने 64 पदक जीते थे, जबकि इस बार 103 पदकों के साथ भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह जीत भारत के निशानेबाज़ी क्षेत्र में लगातार सुधार और नए युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा का प्रमाण है। मेज़बान कज़ाख़स्तान दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहे।
कुल मिलाकर इस चैम्पियनशिप में भारत ने हर वर्ग में अपनी ताकत दिखाई। डबल ट्रैप, राइफल और पिस्टल में पुरुष, महिला और जूनियर सभी वर्गों में पदक जीतकर भारत ने विश्व स्तर पर अपनी छवि मजबूत की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारतीय निशानेबाज़ों को आने वाले ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में और बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्साह मिलेगा।


