DDCA में घमासान: चयन बैठक में हंगामा, रणजी और अंडर-23 टीम का चयन टला

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नई दिल्ली: दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) में एक बार फिर विवाद देखने को मिला, जब सचिव और चयन समिति के संयोजक अशोक शर्मा ने तीन निदेशकों की चयन बैठक में उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। इसके चलते मंगलवार, 30 सितंबर को अंडर-23 और रणजी ट्रॉफी टीमों के संभावित खिलाड़ियों के चयन के लिए बुलाई गई बैठक को स्थगित करना पड़ा। अशोक शर्मा ने इस संबंध में डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली को पत्र लिखते हुए चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखने की मांग की और अपील की कि भविष्य में चयन समिति की बैठकें तय मानकों के अनुसार ही आयोजित की जाएं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीडीसीए सचिव शर्मा ने कहा कि जब तीन निदेशकों ने बैठक में शामिल होने पर जोर दिया तो सीनियर चयन समिति के सदस्य यशपाल सिंह, केपी भास्कर और मनु नायर के साथ-साथ मुख्य कोच सरनदीप सिंह भी बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा, “निदेशक चयन समिति की बैठकों में शामिल नहीं हो सकते। हालांकि, हर्ष सिंगला, आनंद वर्मा और मंजीत सिंह कमरे में घुस आए और उनसे बैठक में शामिल होने की मांग की। उनके जाने से इनकार करने पर मुझे बैठक स्थगित करनी पड़ी। मैंने डीडीसीए अध्यक्ष को आज की चयन समिति की बैठक से जुड़े मुद्दों पर एक पत्र लिखा है।”

मंजीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी

संपर्क करने पर मंजीत ने दावा किया कि यह एक अनौपचारिक बैठक थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंजीत ने कहा, “मेरी समझ से यह कोई औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि सिर्फ एक चर्चा थी। इसलिए मैं इसमें शामिल हुआ।” हालांकि, डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली ने कहा कि उन्हें चयन समिति की बैठक में हुए हंगामे की जानकारी नहीं थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जेटली ने बताया, “मुझे बताया गया कि डेटा गणना में कुछ समस्याएं थीं, इसलिए बैठक स्थगित कर दी गई।” शर्मा के पत्र के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि उन्हें अपना ईमेल देखने का समय नहीं मिला।

अशोक शर्मा ने रोहन जेटली को क्या लिखा?

डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने अध्यक्ष रोहन जेटली को भेजे पत्र में हालिया चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के विपरीत, शीर्ष परिषद के कुछ सदस्यों द्वारा चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से चयन समिति की स्वायत्तता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शर्मा ने आग्रह किया कि चयन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बीसीसीआई के मानकों का पूरी तरह पालन हो। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मंगलवार को कुछ निदेशक चयन बैठक में पहुंच गए, जिससे पक्षपात और अनुचित प्रभाव की आशंका और भी गहराई। खासतौर पर तब, जब एक निदेशक के परिवार का सदस्य संभावित खिलाड़ियों में शामिल है। अशोक शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह चयन समिति की अगली बैठक बुलाने से पहले रोहन जेटली के जवाब का इंतजार करेंगे।

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