विजय के बीच बदलाव की मांग, हरमनप्रीत की कप्तानी पर फिर छिड़ी बहस, पूर्व खिलाड़ी का बड़ा बयान

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नई दिल्ली: भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी का मानना है कि विश्व कप खिताब जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर को अब कप्तानी की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना को सौंप देनी चाहिए। उनके अनुसार, टीम के भविष्य और निरंतरता को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव आवश्यक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रंगास्वामी ने कहा कि कप्तानी से हटना हरमनप्रीत के लिए लाभदायक साबित हो सकता है, क्योंकि वह अपनी बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के दम पर टीम के लिए अब भी बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। हरमनप्रीत की अगुवाई में भारत ने रविवार (2 नवंबर) को एकदिवसीय विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। अब अगला वनडे विश्व कप 2029 में आयोजित होगा, जबकि टी20 विश्व कप अगले साल ब्रिटेन में खेला जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व चयन समिति के अध्यक्ष रंगास्वामी ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि हरमनप्रीत कौर को अब कप्तानी से मुक्त कर देना चाहिए ताकि वह एक बल्लेबाज के रूप में टीम के लिए अधिक योगदान दे सकें। उन्होंने कहा, “इस फैसले में पहले ही काफी देर हो चुकी है, क्योंकि हरमन एक शानदार बल्लेबाज और फील्डर हैं, लेकिन रणनीतिक तौर पर कई बार वह कमजोर पड़ जाती हैं। अगर उन पर कप्तानी का बोझ न हो, तो वह और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रंगास्वामी ने आगे कहा, “भले ही यह बात विश्व कप जैसी बड़ी सफलता के बाद कही जा रही है और इसे कुछ लोग पसंद न करें, लेकिन भारतीय क्रिकेट और हरमन दोनों के हित में यही सही होगा। उनके पास अभी भी तीन से चार साल का अच्छा क्रिकेट बाकी है। कप्तानी छोड़ने से वह पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगी। स्मृति मंधाना को सभी प्रारूपों में कप्तान बनाया जाना चाहिए, क्योंकि अब भविष्य के विश्व कप के लिए भी योजना बनानी जरूरी है।”

गेंदबाजी बनी टीम के लिए चिंता का विषय

रंगास्वामी ने उदाहरण के तौर पर रोहित शर्मा का भी जिक्र किया, जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, लेकिन चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस पद से हटा दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू सरजमीं पर टीम की खिताबी जीत खुशी की बात है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रंगास्वामी ने कहा, “हमारे जमाने में बल्लेबाजी कमजोर कड़ी हुआ करती थी, लेकिन अब बल्लेबाजी काफी मजबूत हो गई है। हालांकि, गेंदबाजी अभी भी चिंता का विषय है और फील्डिंग में भी काफी सुधार की गुंजाइश है।”

ऑस्ट्रेलिया के पास नहीं था मजबूत गेंदबाजी आक्रमण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रंगास्वामी ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की सेमीफाइनल में भारत से हुई हार का जिक्र करते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलिया इसलिए हारा क्योंकि उनके पास मजबूत गेंदबाजी आक्रमण नहीं था। मैं तो कहूंगी कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया से बेहतर थे। हमारे लिए इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों ने शानदार काम किया।” गौरतलब है कि भारत ने सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 338 रनों का सफलतापूर्वक बचाव किया था।

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