नई दिल्ली: साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की 0-2 से हार के बाद कोच गौतम गंभीर आलोचनाओं के केंद्र में आ गए हैं। गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने सालभर में दो बार क्लीन स्वीप झेली है, जिसमें पिछले साल न्यूजीलैंड ने 0-3 से भारत को हराया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आलोचनाओं के बीच गंभीर को लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर का समर्थन मिला है। गावस्कर ने भारत के खराब प्रदर्शन का कारण शेड्यूलिंग को बताया और टीम के खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने यह भी कहा कि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली के होने पर सीरीज का नतीजा अलग होता यह नहीं कहा जा सकता। गंभीर के बचाव में गावस्कर ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतने का श्रेय खिलाड़ियों को दिया गया फिर हार का जिम्मेदार कोच को क्यों बताया जा रहा है।
साउथ अफ्रीका की बेहतर तैयारी ने भारत को पीछे छोड़ा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनील गावस्कर ने बताया कि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका ने भारत दौरे से पहले बहुत अच्छी तैयारी की थी। न्यूजीलैंड ने भारत आने से पहले श्रीलंका में एक श्रृंखला खेली, जिससे उन्हें भारत की पिचों पर खेलने का अनुभव और समझ मिली। उसी तरह साउथ अफ्रीका ने पाकिस्तान में एक टेस्ट सीरीज खेलकर भारतीय पिचों पर खेलने का अनुभव हासिल किया। उन्हें यह भी समझ आया कि किस पिच पर किस खिलाड़ी को खिलाना चाहिए। दोनों टीमों की तैयारी और प्लानिंग बहुत संगठित और सोच-समझ कर की गई थी।
ऑस्ट्रेलिया दौरा न होता तो भारत की तैयारी और मजबूत होती
भारतीय टीम की बात करें तो वह वेस्टइंडीज सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया चली गई सफेद बॉल की क्रिकेट के लिए। बायलेट्रल एग्रीमेंट में ये होता है। भारतीय क्रिकेट के साथ हर कोई खासकर ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड खेलना चाहते हैं। वे भारतीय क्रिकेट को किसी मामले में कभी क्रेडिट नहीं देते, लेकिन जब टेलीविजन का मामला होगा तो उनको बुलाते रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज नहीं होती और उसके बीच रणजी ट्रॉफी मैच या रेड बॉल के मैच होते तो भारतीय खिलाड़ी बेहतर तैयार होते। पिछले साल की हार न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई थी। ये नहीं भूलना चाहिए कि इस साल की हार वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ हुई है। साउथ अफ्रीका वर्ल्ड चैंपियन है क्योंकि उनमें कठिन परिस्थिति में मैच जीतने की काबिलियत है, जैसा उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में किया था।
रोहित-विराट की मौजूदगी में भी भारत को 0-3 की हार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनील गावस्कर से यह सवाल पूछा गया कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली को समय से पहले संन्यास लेने के लिए प्रेरित किया गया। गावस्कर ने जवाब दिया कि संन्यास का फैसला केवल रोहित और विराट का व्यक्तिगत होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह नहीं कहा जा सकता कि अगर रोहित और विराट खेलते तो भारत जीत जाता। उदाहरण के तौर पर, दोनों के होने पर न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत 0-3 से हार गया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी परिणाम कुछ अलग नहीं था। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि रोहित-विराट के होने से परिणाम बदल जाता।
हार की जिम्मेदारी कोच पर कैसे?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने गंभीर के समर्थन में कहा कि जब चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतने का श्रेय खिलाड़ियों को दिया गया, तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारने पर कोच को जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है। गुवाहाटी टेस्ट में हार के बाद गंभीर के भविष्य पर सवाल उठाए गए थे, तो उन्होंने कहा कि इस पर निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) करेगा। वहीं, यह नहीं भूलना चाहिए कि गंभीर के कोच रहते भारत ने इंग्लैंड दौरे पर 2-2 से सीरीज बराबर की थी और चैंपियंस ट्रॉफी तथा एशिया कप का खिताब भी जीता था।


