नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के एक विश्व विजेता खिलाड़ी की तबीयत गंभीर होने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2003 विश्व कप विजेता बल्लेबाज डैमियन मार्टिन को वेंटिलेटर पर रखा गया है और उन्हें इन्ड्यूस्ड कोमा में रखा गया है। 54 वर्षीय मार्टिन मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज जारी था।
उन्हें अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद ब्रिसबेन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की गवर्निंग बॉडी के सीईओ, टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा, “मुझे डैमियन की बीमारी के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और पूरे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट समुदाय की तरफ से हम उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।”
साथी खिलाड़ियों और दोस्तों ने की दुआएं
डैमियन मार्टिन के साथी खिलाड़ी और करीबी दोस्त एडम गिलक्रिस्ट ने इस जानकारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 2003 विश्व कप जीतने वाले उनके साथी खिलाड़ी अस्पताल में भर्ती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गिलक्रिस्ट ने कहा, “वह सबसे अच्छा इलाज ले रहे हैं और उनकी पत्नी अमांदा और परिवार भी उनके साथ हैं। हम सभी जानते हैं कि हर कोई मार्टिन के अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा है।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2003 विश्व कप टीम के एक और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने डैमियन मार्टिन की गंभीर हालत पर गहरा दुख व्यक्त किया। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और कोच डैरेन लेहमन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “डैमियन मार्टिन के लिए ढेर सारा प्यार और बहुत सारी प्रार्थनाएं। मजबूती से लड़ते रहो, लेजेंड।” मार्टिन ने रिटायरमेंट के बाद अपने आप को काफी हद तक क्रिकेट से दूर कर लिया था।
डैमियन मार्टिन का क्रिकेट करियर कैसा रहा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डैमियन मार्टिन का जन्म डारविन में हुआ था। उन्होंने 21 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया। साल 1992-93 में उन्हें डीन जोन्स की जगह टीम में मौका मिला। इसके बाद 23 साल की उम्र में वे वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के कप्तान बन गए। 2004 में जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत में बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी जीती, तो मार्टिन को प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिला।
मार्टिन ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2006-07 में एडिलेड में खेला, जब ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ टीम के खिलाफ 5-0 से एशेज पर कब्जा किया। 2003 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ मार्टिन की 88 रनों की पारी आज भी हर भारतीय क्रिकेट फैन के लिए यादगार और चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने शतकवीर रिकी पोंटिंग के साथ 237 रनों की साझेदारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
मार्टिन ने अपने 16 साल के करियर में ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट, 208 वनडे इंटरनेशनल और चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 13 शतक और 23 अर्धशतक के साथ कुल 4406 रन दर्ज हैं। वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 182 पारियों में 5346 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 37 अर्धशतक शामिल हैं। चार टी20 मैचों में मार्टिन ने 120 रन बनाए, जिनमें उनका उच्चतम स्कोर 96 रन रहा।


