नई दिल्ली : रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला खेली। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सीरीज 2-2 से बराबर की। हालांकि, इस श्रृंखला में भारतीय टीम ने कम अनुभव वाले खिलाड़ियों के साथ भी काफी प्रभावशाली खेल दिखाया। श्रृंखला का तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में खेला गया, जिसमें भारतीय टीम 193 रनों का पीछा करते हुए हार गई। इसी मुकाबले में 2025 में भारतीय क्रिकेट का सबसे दिल तोड़ देने वाला क्षण देखने को मिला।
इस टेस्ट में आखिरी विकेट मोहम्मद सिराज के रूप में गिरा। सिराज जिस अंदाज में बोल्ड हुए, वह कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। न सिराज उस गेंद को भूल पाएंगे और न ही दूसरे छोर पर खड़े रविंद्र जडेजा। भारतीय टीम और उसके फैंस के लिए भी वह गेंद हमेशा कचोटती रहेगी। सिराज का हताशा में जडेजा की ओर देखना और फिर बल्ले से गेंद को नीचे की ओर मारते हुए अपना चेहरा मुड़ना एक बेहद दर्द भरा पल था।
टीम इंडिया का लक्ष्य के पास शानदार प्रदर्शन
192 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 112 रन पर 8 विकेट खो चुकी थी। लग रहा था कि इंग्लैंड की टीम आराम से टेस्ट सीरीज जीत जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविंद्र जडेजा ने जसप्रीत बुमराह के साथ 132 गेंदों पर 35 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, और इसके बाद सिराज के साथ 80 गेंदों पर 23 रन जोड़कर टीम ने लक्ष्य के काफी करीब पहुंचकर मैच को रोमांचक बना दिया।
सिराज मिडिल स्टंप पर बोल्ड हुए
इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 1 विकेट की जरूरत थी, लेकिन जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने क्रीज पर डटकर जो हौसला दिखाया, वह मैच का रुख बदलने के लिए पर्याप्त था। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका। सिराज काफी बदकिस्मत तरीके से शोएब बशीर की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने ऑफ-स्पिनर की गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बीच में लगी और ओवर स्पिन के कारण लेग स्टंप पर जाकर बेल्स गिरा दी।


