नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर 82 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया ने 209 रनों के लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
पिछले कुछ समय से सूर्या खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, ऐसे में T20 वर्ल्ड कप से पहले उनका लय में लौटना टीम इंडिया के लिए बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है। इसी बीच सूर्या के फॉर्म में आते ही फैंस के मन में एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह इस फॉर्मेट में रन बनाने के मामले में भारत के रोहित शर्मा और पाकिस्तान के बाबर आजम को पीछे छोड़ पाएंगे।
टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। इस फॉर्मेट में रोहित ने 159 मैचों में 4231 रन बनाए थे। वहीं सूर्यकुमार यादव ने अब तक अपने करियर में 101 मैचों में 2902 रन बनाए हैं। वह सबसे छोटे फॉर्मेट में भारत के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, और रोहित शर्मा के रिकॉर्ड से सिर्फ 1329 रन पीछे हैं। सूर्या इस वक्त सिर्फ 35 साल के हैं और वह कम से कम सिर्फ तीन साल और खेलेंगे। अगर वह इसी फॉर्म से रन आगे भी रन बनाते हैं तो वह निश्चित रूप से रोहित शर्मा के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। विराट से आगे निकलने के लिए सूर्या को 1287 रन बनाने होंगे।
वहीं बाबर आजम के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए यहां से सूर्यकुमार यादव को 1528 रन और बनाने होंगे। लेकिन आपको बता दें कि बाबर ने अभी तक टी20 इंटरनेशनल से संन्यास नहीं लिया है। वह आगामी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलेंगे और फिर वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी खेलते हुए दिख सकते हैं। ऐसे में बाबर के रनों की संख्या में इजाफा देखने को मिल सकता है। अब देखना ये होगा कि बाबर कब तक T20I खेलना जारी रखते हैं। ऐसे में सूर्या टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन पाएंगे या नहीं ये आने वाले वक्त में पता चलेगा।
भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव लंबे समय बाद शानदार फॉर्म में लौटते नजर आए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में उन्होंने 32 रन बनाए थे, लेकिन दूसरे मुकाबले में सूर्या ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।
इसके साथ ही सूर्यकुमार यादव ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में काफी लंबे समय बाद 50 रन का आंकड़ा छुआ। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2024 में अर्धशतक लगाया था, जिसके बाद उन्हें अगला अर्धशतक लगाने में 24 पारियों का इंतजार करना पड़ा। यह पारी न सिर्फ उनके आत्मविश्वास की वापसी का संकेत है, बल्कि टीम इंडिया के लिए भी बड़ी राहत लेकर आई है।


