नई दिल्ली : भारतीय पुरुष सीनियर फुटबॉल टीम को गुरुवार को कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा, जब खिलाड़ियों और मुख्य कोच को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश करने से रोक दिया गया। यह विवाद स्टेडियम के सिक्योरिटी डिपॉजिट के भुगतान को लेकर सामने आया, जिससे टीम और कोचिंग स्टाफ फंसे रहे और कार्यक्रम में खलल पड़ा।
भारतीय टीम, जिसमें केरल के तीन खिलाड़ी भी शामिल थे, और मुख्य कोच खालिद जमील आगामी एएफसी एशियन कप क्वालिफायर मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए स्टेडियम पहुंचे थे। 31 मार्च को हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ होने वाले इस मुकाबले से पहले यह मीडिया बातचीत तय थी, लेकिन भुगतान विवाद के चलते इसे रद्द करना पड़ा।
“कोच और खिलाड़ी स्टेडियम में फंसे, जानिए पूरा मामला”
यह मामला स्टेडियम के मालिक ग्रेटर कोचिन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GCDA) और केरल फुटबॉल एसोसिएशन (Kerala FA) के बीच बकाया राशि को लेकर है। जानकारी के मुताबिक, केरल फुटबॉल एसोसिएशन को मैच के लिए स्टेडियम चार दिनों तक बुक करने के बदले एक निश्चित सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना था, जो समय पर नहीं किया गया। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘मुद्दा यह है कि केरल फुटबॉल एसोसिएशन को स्टेडियम को चार दिन के लिए बुक करने के लिए एक निश्चित राशि जमा करनी थी। इसी कारण स्टेडियम प्रशासन ने एंट्री रोक दी।’
“प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द, लेकिन मैच पर कोई असर नहीं”
इस विवाद के चलते प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी गई, जिससे टीम की तैयारियों पर हल्का असर पड़ा। हालांकि, एआईएफएफ के अनुसार ने यह भी स्पष्ट किया कि मैच अपने तय समय पर ही खेला जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘मैच तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा, क्योंकि मुकाबले से तीन दिन पहले राशि जमा कर दी जाएगी।’
“मैच में स्थानीय खिलाड़ियों की अहम भूमिका”
कोच खालिद जमील के साथ केरल के स्थानीय खिलाड़ी आशिक कुरुनियन, साहल अब्दुल समद और बिजॉय वर्गीस भी मौजूद थे। यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए भले ही क्वालिफिकेशन के नजरिए से अहम न हो, लेकिन भविष्य की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फुटबॉल टीम पर फिर उठा विवाद का साया
यह पहला मौका नहीं है जब जीसीडीए और आयोजकों के बीच इस तरह का विवाद सामने आया हो। इससे पहले इंडियन सुपर लीग में केरल ब्लास्टर्स एफसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी इसी तरह बाधित हुई थी, जिससे पता चलता है कि स्टेडियम संचालन और आयोजकों के बीच पैसों और प्रक्रियाओं को लेकर समस्याएं समय-समय पर उभरती रही हैं।


