IPL पर संकट! दिल्ली-लखनऊ सहित 6 मैदानों को NGT का नोटिस, उठे बड़े सवाल

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नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीच राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने छह क्रिकेट स्टेडियम और उनके संघों को नोटिस जारी किया है। इनमें अरुण जेटली स्टेडियम और भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एनजीटी ने सवाल उठाया है कि क्रिकेट मैदानों के रखरखाव में पानी के उपयोग को लेकर उसके निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो उनकी गतिविधियों पर रोक क्यों न लगा दी जाए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की एनजीटी की प्रमुख पीठ ने 16 अप्रैल को यह आदेश दिया। यह सुनवाई 2021 के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं को लेकर हो रही थी। प्राधिकरण ने क्रिकेट ग्राउंड के रखरखाव के लिए क्रिकेट संघों को भूजल की जगह बारिश के पानी का इस्तेमाल का निर्देश दिया था।

इन स्टेडियमों को नोटिस जारी, NGT ने उठाए सख्त सवाल

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम, रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम, नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम, लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम, हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम और कटक के बाराबती स्टेडियम को नोटिस जारी हुआ है।

‘क्यों न सभी गतिविधियां रोक दी जाएं?’ NGT का कड़ा रुख

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनजीटी ने अपने आदेश में कहा, ‘आवेदक के वकील का कहना है कि इन छह स्टेडियम में सभी गतिविधियां पूरी तरह से रोक दी जानी चाहिए। उन्हें वहां कोई भी खेल आयोजन की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे में इन छह स्टेडियम को नोटिस जारी किया जाता है कि वे बताएं कि प्राधिकरण के आदेश का पालन न करने और जरूरी जानकारी जमा न करने के आधार पर उनकी सभी गतिविधियां क्यों न रोक दी जाएं।’

इन मैदानों में होते आईपीएल के मैच

अरुण जेटली स्टेडियम दिल्ली कैपिटल्स का घरेलू मैदान है। इकाना स्टेडियम लखनऊ सुपर जायंट्स का घरेलू मैदान है, राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम सनराइजर्स हैदराबाद का घरेलू मैदान है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स घरेलू मैच खेलती है।

पांच मैदानों ने दिया जवाब, NGT के नोटिस पर सफाई पेश

केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) ने 15 अप्रैल को महीने और साल में मैदानों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी, उपचारित पानी का हिस्सा और मिले ताजे पानी के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी दी थी। पांच मैदान और संघों सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन, ग्रीन पार्क स्टेडियम, मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन ने जवाब दिया था।

सौराष्ट्र क्रिकेट संघ ने क्या बताया? NGT के नोटिस पर दी सफाई

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सौराष्ट्र क्रिकेट संघ ने सीडीडब्ल्यूए को बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाना उनके लिए फिलहाल संभव नहीं है। संघ ने कहा कि वह राजकोट महानगर पालिका से मिलने वाले करीब 1 लाख लीटर प्रतिदिन उपचारित पानी का उपयोग कर रहा है। वहीं महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन ने पुणे के गहुंजे स्टेडियम में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट लागू कर दिया है और साथ ही एसटीपी बनाने की तैयारी भी कर रहा है।

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