हरियाणा : हरियाणा के सोनीपत में एक फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने बुधवार 20 मई 2026 को राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाजी कोच कुलदीप वेदवान को एक नाबालिग महिला तीरंदाज के यौन उत्पीड़न मामले में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कोच को POCSO अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला मूल रूप से अगस्त 2023 में सोनीपत जिले के एक थाने में दर्ज किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने 15 मई को आरोपी को दोषी ठहराये जाने के कुछ दिनों बाद यह सजा सुनाई। दोषी ठहराए जाने के बाद कुलदीप वेदवान को हिरासत में ले लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभियोजन पक्ष के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी कुलदीप वेदवान ने कथित तौर पर अप्रैल 2023 में सोनीपत में आयोजित एक युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप के ट्रायल के दौरान जूनियर खिलाड़ी का यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया था। तीरंदाज ने बताया कि वह भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में आयोजित युवा चैंपियनशिप के ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए सोनीपत गई थी। वह ‘माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटरा स्टेडियम’ में प्रशिक्षण ले रही थी, जहां आरोपी का फाउंडेशन कोचिंग गतिविधियों में शामिल था।
पीड़िता ने कोच पर आरोप लगाया कि सात अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे वह उसके होटल के कमरे में घुसा और उसके शरीर के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने लगभग 15 से 20 मिनट तक विरोध किया, जिसके बाद वह किसी तरह वहां से बचकर निकल पाई और महिला खिलाड़ियों वाले दूसरे कमरे में जाकर पनाह ली। खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि कुलदीप वेदवान ने बाद में उससे माफी मांगी और यह कहते हुए कि इससे उसका करियर बर्बाद हो जाएगा, इस घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताने की गुजारिश की। उसने उस पर यह भी आरोप लगाया कि बाद में जब भी वह होटल में रुका तो उसने बार-बार उस पर अपने कमरे में रुकने का दबाव डाला।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित खिलाड़ी के मुताबिक, कथित तौर पर उसने वादा किया था कि अगर वह उसका साथ देगी तो वह उसे एक ‘बड़ी खिलाड़ी’ बना देगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विशेष लोक अभियोजक विजेंद्र सिंह खत्री ने बताया कि अदालत ने सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कुलदीप वेदवान को POCSO एक्ट की धारा 10 के तहत पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अधिनियम की धारा 12 के तहत तीन साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
आखिर कैसे उजागर हुआ यह केस?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2023 में ट्रायल के बाद पीड़िता का चयन एशिया कप के लिए हुआ था। बाद में उसने अपने परिवार को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जाता है कि एक अंदरूनी जांच कमेटी ने परिवार को सोनीपत में पुलिस शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी थी। इसके बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354A और POCSO एक्ट की धाराओं 10 और 12 के तहत मामला दर्ज किया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच एक महिला पुलिस अधिकारी ने की। बाद में मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में हुई। कुलदीप वेदवान एक पूर्व राष्ट्रीय स्तर का तीरंदाज है। उसने भारतीय सेना की नौकरी छोड़ने के बाद कोच का काम शुरू किया। पिछले कुछ वर्षों में कुलदीप वेदवान ने उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में कई तीरंदाजी अकादमियां खोलीं और माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पैरा-तीरंदाजी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने से भी जुड़ा रहा।


