न्यूयॉर्क. फीफा विश्व कप 2026 में मंगलवार को ग्रुप-आई का सबसे चर्चित मुकाबला दो बार की विश्व चैंपियन फ्रांस और अफ्रीकी फुटबॉल की मजबूत टीम सेनेगल के बीच खेला जा रहा है। दुनिया की 15वीं रैंकिंग वाली सेनेगल टीम के सामने 2018 की विश्व विजेता और 2022 की उपविजेता फ्रांस की चुनौती है।
फ्रांस को इस विश्व कप का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। कोच डिडिएर डेशॉम्प्स की टीम में कई स्टार खिलाड़ी शामिल हैं। बैलन डी’ओर विजेता उस्मान डेम्बेले, बायर्न म्यूनिख के माइकल ओलिसे और कप्तान किलियन एम्बाप्पे टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। एम्बाप्पे विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़े के रिकॉर्ड से सिर्फ चार गोल दूर हैं।
वहीं, सेनेगल की टीम भी किसी बड़े उलटफेर की क्षमता रखती है। कोच पापे थियाव के पास सादियो माने, निकोलस जैक्सन और अनुभवी डिफेंडर कालिदू कुलीबाली जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। सेनेगल 2002 विश्व कप में फ्रांस को हराकर इतिहास रच चुका है और एक बार फिर वैसी ही सफलता दोहराने की उम्मीद कर रहा है।
ग्रुप-आई में फ्रांस और सेनेगल के अलावा इराक और नॉर्वे भी शामिल हैं। ऐसे में दोनों टीमों के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस की आक्रामक शक्ति और सेनेगल की मजबूत रक्षापंक्ति के बीच होने वाला यह मुकाबला विश्व कप 2026 के शुरुआती दौर के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक साबित हो सकता है। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें इस हाई-वोल्टेज मैच पर टिकी हुई हैं।


