‘ट्रॉफी जीतकर ही लौटने का था इरादा’, एफआईएच विमेंस नेशंस कप जीतने के बाद बोलीं कप्तान सलीमा टेटे

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ऑकलैंड। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी विमेंस नेशंस कप 2025-26 का खिताब जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। रविवार को खेले गए फाइनल में भारत ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अगले सत्र की एफआईएच प्रो लीग के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।  पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही। लीग चरण में उसने अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया, जबकि सेमीफाइनल में चिली और फाइनल में न्यूजीलैंड को मात देकर खिताब जीता।

फाइनल मुकाबले में नवनीत कौर ने चौथे मिनट में और सुनेलिता टोप्पो ने 15वें मिनट में गोल कर भारत को मजबूत बढ़त दिलाई। स्ट्राइकर लालरेमसियामी को फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने छह गोल के साथ टूर्नामेंट की संयुक्त सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।  टीम की इस सफलता पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।

मुख्य कोच स्योर्ड मारिन ने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और मजबूत रक्षण के दम पर खिताब जीता। उन्होंने कहा कि पेनल्टी कॉर्नर का उपयोग शानदार रहा, हालांकि फील्ड गोल की संख्या बढ़ाने पर अभी और काम करना होगा। उनके अनुसार प्रो लीग में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने से युवा खिलाड़ियों को सीखने और आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “यह ट्रॉफी जीतना बेहद खास है। हम पूरे टूर्नामेंट में ट्रॉफी जीतने के स्पष्ट लक्ष्य के साथ उतरे थे। प्रो लीग में वापसी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण थी और हमें खुशी है कि हमने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया।”  उन्होंने कहा कि विश्व कप से पहले मिली यह सफलता टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है और आने वाली तैयारियों के लिए यह जीत बड़ा मनोबल देगी।

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