लंदन। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेटरों के लिए गर्भावस्था और प्रसव के बाद मैदान पर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस’ जारी की हैं। इंग्लैंड में चल रहे महिला टी20 विश्व कप के दौरान लॉन्च की गई इन गाइडलाइंस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिला खिलाड़ियों को मां बनने और अपने क्रिकेट करियर के बीच किसी एक का चुनाव न करना पड़े।
इन दिशा-निर्देशों को महिला खिलाड़ियों, राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों, कोचों और मेडिकल स्टाफ के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है। ऑस्ट्रेलिया टीम की डॉक्टर और ICC मेडिकल एडवाइजरी कमेटी की सदस्य डॉ. फिलिपा इंगे ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां खिलाड़ी बच्चे के जन्म के बाद सुरक्षित तरीके से क्रिकेट में वापसी कर सकें।
गाइडलाइंस ‘6 आर मॉडल’ यानी Ready, Review, Restore, Recondition, Return और Refine पर आधारित हैं। इसमें प्रसव के बाद रिकवरी, मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन, चरणबद्ध ट्रेनिंग, क्रिकेट-विशेष फिटनेस, प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी और लगातार निगरानी जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।
ICC ने बच्चों की देखभाल, स्तनपान के लिए उपयुक्त सुविधाएं, लचीला प्रशिक्षण वातावरण और जरूरत पड़ने पर यात्रा सहायता जैसी व्यवस्थाओं की भी सिफारिश की है। एमी सैटरथवेट, बिस्माह मारूफ, अफी फ्लेचर और मसाबाता क्लास जैसी खिलाड़ियों की सफल वापसी को इस पहल की प्रेरणा माना जा रहा है।


