अनाहत सिंह ने रचा स्वर्णिम इतिहास, 16 साल बाद मिस्र का वर्चस्व खत्म

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नई दिल्ली : भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शनिवार (25 जुलाई) को इतिहास रचते हुए मिस्र की रुकैया सलेम को हराकर विश्व जूनियर स्क्वैश व्यक्तिगत चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वह यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। अनाहत ने सिर्फ ऐतिहासिक उपलब्धि ही हासिल नहीं की, बल्कि टूर्नामेंट में मिस्र के 16 साल लंबे दबदबे का भी अंत कर दिया। इससे पहले 2010 में अमेरिका की अमांडा शोबी ने यह खिताब जीता था और उसके बाद लगातार मिस्र की खिलाड़ी ही चैंपियन बनती रही थीं।

विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज और टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने महिला फाइनल में रुकैया को सीधे गेमों में 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। अनाहत ने पिछले साल भी इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था और सेमीफाइनल तक पहुंचकर कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए विश्व जूनियर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

दिल्ली की इस खिलाड़ी ने फाइनल में जबरदस्त शुरुआत की। पहला गेम 11-3 से जीता। दूसरे गेम में अनाहत ने 11-7 से जीत हासिल की। हालांकि, तीसरे गेम में मिस्र की खिलाड़ी रुकैया सलेम ने अच्छी वापसी। अनाहत एक समय 6-8 से पीछे थीं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने दबाव को झेला और जरूरी पॉइंट लेकर गेम 11-9 से जीत लिया और पांचवीं बार में जूनियर टाइटल अपने नाम कर लिया।

महज 16 साल की उम्र में अनाहत सिंह ने अपने खेल से शानदार परिपक्वता का परिचय दिया है। मौजूदा समय में वह विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर हैं और एशियाई खेलों में भी कई पदक जीत चुकी हैं। फाइनल के तीसरे गेम में उन्होंने मिस्र की खिलाड़ी के जोरदार पलटवार को शानदार अंदाज में विफल कर अपनी मानसिक मजबूती और अनुभव का प्रदर्शन किया। पूर्व विश्व चैंपियन ग्रेगरी गॉल्टियर से कोचिंग और भारतीय दिग्गज सौरव घोषाल से मेंटरशिप हासिल कर रहीं अनाहत को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में से एक माना जा रहा है।

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