नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पदकों का सिलसिला जारी है। गुरुवार (30 जुलाई) को लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110+ किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीतकर वेटलिफ्टिंग में भारत को आठवां पदक दिलाया। वहीं सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। इन दो पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 17 हो गई है। भारत के खाते में अब 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक हैं और वह पदक तालिका में 10वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्लासगो में भारतीय वेटलिफ्टर अब तक 1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 8 पदक जीत चुके हैं।
लवप्रीत ने अपने करियर का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 176 किलोग्राम स्नैच के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा और कुल 388 किलोग्राम (176kg+212kg) उठाकर सिल्वर मेडल जीता। भारतीय एथलीट न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहे, जिन्होंने कुल 389 किलोग्राम उठाकर गोल्ड मेडल जीता। स्नैच के बाद 10 किलोग्राम की बढ़त बनाने के बाद पंजाब के वेटलिफ्टर का पलड़ा भारी दिख रहा था।
सिर्फ 1 किलो ने लवप्रीत से छीना गोल्ड
क्लीन एंड जर्क में लिटी ने शानदार वापसी करते हुए अपने अंतिम प्रयास में 223 किलोग्राम वजन उठाया और कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बना दिया। दूसरी ओर, लवप्रीत सिंह को स्वर्ण पदक जीतने के लिए 217 किलोग्राम वजन उठाना था। उन्होंने पूरा प्रयास किया, लेकिन लिफ्ट सफल नहीं हो सकी और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में लवप्रीत ने कांस्य पदक जीता था, जबकि इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया।
सीमा की प्रेरक वापसी: मां बनीं, पीएचडी की और फिर जीता पदक
भारत के खाते में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का एक और पदक जुड़ गया। सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 27 वर्षीय सीमा ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार तीन फाउल किए, लेकिन तीसरे राउंड में किया गया उनका थ्रो उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए काफी साबित हुआ। पिछले साल मां बनने के साथ-साथ पीएचडी की पढ़ाई कर रहीं सीमा ने शानदार वापसी करते हुए पदक जीता। वहीं भारत की निधि रानी 55.67 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहीं और पदक से मामूली अंतर से चूक गईं।


