नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खाते में अब तक 17 पदक आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम पदक तालिका में 10वें स्थान पर खिसक गई है। भारत ने अब तक 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक जीते हैं। दूसरी ओर, ग्लासगो में आयोजित इन खेलों में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार कायम है। ऑस्ट्रेलिया 51 स्वर्ण, 24 रजत और 35 कांस्य सहित कुल 110 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। इंग्लैंड 65 पदकों (15 स्वर्ण, 30 रजत, 20 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि कनाडा 45 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है।
स्कॉटलैंड ने 25 पदक जीते हैं। उन्होंने 9 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य पदक जीते हैं। नाइजीरिया ने 16 पदक जीते हैं। 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक जीते हैं। दक्षिण अफ्रीका के 23 पदक हैं। उन्होंने 6 स्वर्ण, 9 रजत और 8 कांस्य पदक जीता है। मलेशिया 12 पदकों के साथ 7वें नंबर पर है। उसने 6 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक जीते हैं।
भारत 10वें स्थान पर क्यों?
न्यूजीलैंड 21 पदकों के साथ 8वें स्थान पर है। उसके खाते में 5 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य पदक हैं। वहीं जमैका 8 पदकों के बावजूद 9वें स्थान पर है, क्योंकि उसने 4 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक जीते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में रैंकिंग का निर्धारण कुल पदकों से नहीं, बल्कि सबसे पहले स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर किया जाता है। यही वजह है कि भारत 17 पदक जीतने के बावजूद 10वें स्थान पर है। नीचे पूरी पदक तालिका देख सकते हैं।



