नई दिल्ली : भारतीय टीम शनिवार, 15 अगस्त 2026 से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत करेगी। सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला जाएगा, जहां टीम इंडिया के प्लेइंग कॉम्बिनेशन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एबी डिविलियर्स ने देवदत्त पडिक्कल और सरफराज खान में से किसी एक को चुनने को मुश्किल फैसला बताया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका मानना है कि दोनों ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और कप्तान व कोच के लिए इनमें से किसी एक को अंतिम एकादश में शामिल करने का निर्णय आसान नहीं होगा।
सरफराज खान को चोटिल साई सुदर्शन की जगह करीब 21 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी का मौका मिला है। वहीं एबी डिविलियर्स ने जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी से भारतीय टीम पर पड़ने वाले असर को लेकर भी अपनी राय रखी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि बुमराह इस सीरीज से बाहर हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत का स्क्वाड काफी मजबूत है। डिविलियर्स ने श्रीलंका सीरीज के साथ-साथ आगामी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल की रेस में भारत की संभावनाओं पर भी बात की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके मुताबिक भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अपने बचे हुए नौ में से कम से कम आठ टेस्ट मैच जीतने होंगे।
पडिक्कल बनाम सरफराज, एबी डिविलियर्स ने किसे चुना?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर देवदत्त पडिक्कल और सरफराज खान को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा,”एक सवालिया निशआन नंबर 3 पर कौन बल्लेबाजी करेगा इसको लेकर उठ रहा है। सरफराज खान या देवदत्त पडिक्कल में से किसी एक को मौका मिल सकता है। मैं पडिक्कल के साथ जाऊंगा, वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और उनकी तकनीक सॉलिड है। वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। सरफराज खान भी शानदार विकल्प हैं और वह विपक्षी टीम से मैच को किसी भी समय छीन सकते हैं।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “यह फैसला आसान नहीं होगा। मुझे लगता है कि कोच गौतम गंभीर टीम के संतुलन को ध्यान में रखकर अंतिम एकादश चुनना चाहेंगे। उन्हें यह तय करना होगा कि टीम ऐसे बल्लेबाज के साथ जाए जो अपने आक्रामक खेल से मैच का रुख बदल सकता है या फिर ऐसे खिलाड़ी को मौका दे जो पारी को स्थिरता देने के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सके और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बना सके। बाएं हाथ के बल्लेबाज का विकल्प भी अहम हो सकता है, क्योंकि दाएं और बाएं हाथ का संयोजन हमेशा फायदेमंद रहता है, खासकर श्रीलंका की स्पिन के अनुकूल पिचों पर। ऐसे में मैं उस बल्लेबाज के साथ जाना पसंद करूंगा जो टीम को स्थिरता दे, लंबी पारी खेलने में सक्षम हो और जरूरत पड़ने पर आक्रामक अंदाज भी अपना सके।”
गॉल टेस्ट के लिए दोनों टीमों के स्क्वाड
भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जयसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुतार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी, सरफराज खान।
श्रीलंकाई टीम: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लहिरु उदारा, निशान मधुष्का, कमिंदु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चंडीमल, पसिंदु सूरियाबंदारा, सोनल दिनुषा, निरोशन डिकवला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवंता, मिलन रथनायके, असिथा फर्नान्डो, लहिरु कुमारा, विश्वा फर्नान्डो, दिलशान मधुशंका।


