आईपीएल 2027: मोर्कल की सीएसके के कोचिंग स्टाफ में एंट्री, धोनी से मिलेंगे जहीर

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नई दिल्ली : चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच जहीर खान ने सोमवार, 26 अक्टूबर को चेन्नई में टीम प्रबंधन के साथ अपनी पहली बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अपने सहयोगी स्टाफ को अंतिम रूप दिया। स्टीफन फ्लेमिंग के नेतृत्व में काम कर रहे अधिकांश सहयोगी स्टाफ को हटाकर चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने पूरे कोचिंग सेटअप में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खबरों के मुताबिक, 48 वर्षीय जहीर खान खिलाड़ियों को रिटेन करने पर अंतिम निर्णय लेने से पहले मुंबई में महेंद्र सिंह धोनी से भी मुलाकात करेंगे।

रिटेंशन लिस्ट जारी करने की डेडलाइन 15 नवंबर है। इसके बाद वे चेन्नई आकर टीम का जायजा लेंगे। पिछले सीजन में टीम प्लेऑफ की रेस से भी बाहर हो गई थी, इसलिए अब कुछ खिलाड़ियों को रिलीज करके बड़े बदलाव किए जाने की उम्मीद है। इससे जहीर खान और उनकी टीम को मिनी-ऑक्शन में जाने के लिए एक अच्छी-खासी रकम (ऑक्शन पर्स) मिल सकेगी। सपोर्ट स्टाफ की बात करें तो इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज गैरेथ बैटी जुड़ने जा रहे हैं। उनके साथ एल्बी मोर्केल भी होंगे, जो पहले भी इस फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रह चुके हैं। वह अभी जोहानसबर्ग सुपर किंग्स के हेड कोच हैं। मोहित शर्मा बॉलिंग कोच के तौर पर टीम के साथ रहेंगे।

सीएसके में बड़े बदलाव के बीच फोस्टर सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बने रहेंगे

मिनी-ऑक्शन से पहले अगले महीने होने वाले ट्रायल को देखते हुए चेन्नई सुपर किंग्स का पूरा सपोर्ट स्टाफ तब तक तैयार हो जाएगा, जिसकी औपचारिक घोषणा बाद में की जाएगी। जहां चेन्नई सुपर किंग्स ने माइकल हसी, एरिक सिमंस और राजीव कुमार (जो फ्लेमिंग की टीम का हिस्सा थे) से अलग होने का फैसला किया है, वहीं 2026 में फील्डिंग कोच के तौर पर जुड़े जेम्स फोस्टर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फोस्टर इंग्लैंड की टेस्ट टीम में स्टीफन फ्लेमिंग के साथ असिस्टेंट कोच के रूप में जुड़ गए हैं, लेकिन आईपीएल के दौरान वह खाली रहेंगे, इसलिए वे पांच बार की चैंपियन टीम में अपना पद बनाए रखेंगे। इसी तरह, श्रीधरन श्रीराम भी टीम सेटअप का हिस्सा बने रहेंगे। हालांकि, इन सभी की नई भूमिकाएं क्या होंगी, यह बाद में तय किया जाएगा।

विदेशी सितारों पर लग सकती है बड़ी बोली

चेन्नई सुपर किंग्स जिन मुख्य क्षेत्रों को मजबूत करना चाहती है, उनमें से एक विदेशी खिलाड़ियों का पक्ष है। हालांकि, इस फ्रेंचाइजी के पास हमेशा से ही मजबूत विदेशी खिलाड़ी रहे हैं। इनमें से हर एक अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखता था, लेकिन पिछले कुछ सीजन में ऐसा कम ही दिखा है। अब यह देखना होगा कि क्या फ्रेंचाइजी मिनी-ऑक्शन में इस कमी को दूर कर पाती है या नहीं। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि इस बार नीलामी के लिए उपलब्ध खिलाड़ियों का पूल कैसा है।

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