काबुल : काबुल में कथित पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ियों ने गहरा दुख और चिंता पहुंचाई है। खिलाड़ियों ने नागरिकों की मौत और घायल हुए लोगों का मुद्दा कायम करते हुए इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अफगान क्रिकेटरों ने रमजान के दौरान हुए इस हमले को लेकर बेगुनाहों की सुरक्षा और मानवता के सम्मान की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं, अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 400 लोगों की मौत हुई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए। राशिद खान ने काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हुए कथित पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़ी निंदा की है और आम नागरिकों के हताहत होने पर गहरी चिंता पहुंचाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि रिहायशी घरों, पढ़ाने वालों और मुसलमानों को फंसाना बनाना किसी भी सूरत में कामयाब नहीं है और इसे युद्ध अपराध माना जाना चाहिए।
रमजान में अमानवीय हमला: राशिद खान का फूटा गुस्सा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राशिद खान ने कहा, “काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम जनता के हताहत होने की ताजा खबरों से मुझे गहरा दुख हुआ है। आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थाओं या चिकित्सा सुविधाओं को दिखाना बनाना (चाहे जान-बूझकर किया गया हो या गलती से) एक युद्ध अपराध है। इंसानी जानों के प्रति इस तरह की घोर अनदेखी, खासकर रमजान के पवित्र महीने में बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है। इससे केवल फूट और नफरत ही ज़िंदा है।”
राशिद खान ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र करें काबुल हमलों की पूरी पड़ताल”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राशिद खान ने आगे लिखा, ‘मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस ताजा अत्याचार की गहन जांच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएं। इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफगानी लोगों के साथ खड़ा हूं। हम इस दुख से उबरेंगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे। हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं। इंशाअल्लाह!’
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी मोहम्मद नबी ने भी काबुल पर पाकिस्तानी हमलों पर चिंता जाहिर की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बमबारी के पीड़ितों के बारे में लिखते हुए मोहम्मद नबी ने कहा, ‘माएं दरवाजों पर खड़ी अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं। रमजान की 28वीं रात को उनकी जिंदगी अचानक खत्म हो गई।’ अफगानिस्तान टी20 टीम के कप्तान इब्राहिम जादरान ने भी इन हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने पर चिंता व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इब्राहिम जादरान ने X पर लिखा, ‘आज रात मैंने यहां काबुल में एक जबरदस्त धमाका सुना। कुछ ही पलों बाद हमने एक अस्पताल से आसमान की ओर लपटें उठते देखीं।’
रोजा रखने वाले इब्राहिम जादरान का निधन, खेल और समाज में शोक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इब्राहिम ज़दरान ने लिखा, “हमारे वे भाई जो कल रोज़ा रखने वाले थे अब या तो इस दुनिया में नहीं रहे या फिर घायल हैं। आज रात जो भी परिवार शोक में डूबा है, उन सबके साथ मेरी संवेदनाएं हैं। काबुल दर्द में है। हम न्याय की प्रार्थना करते हैं।”
काबुल पर हालात गाजा हमलों जैसी भयावह स्थिति
नवीन-उल-हक ने काबुल में नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तानी हमले की तुलना गाजा पर हुए इजरायली हमलों से की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने X पर लिखा, “इजरायल और पाकिस्तानी सरकार के बीच कोई भी फर्क ढूंढना मुश्किल है।” वहीं, अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के अन्य खिलाड़ी वफादर मोमंद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अस्पताल एक ऐसी जगह है जिसका मकसद इंसानी जान बचाना होता है और वहां खून नहीं बहाया जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लिखा, “ऐसी जगह पर हमला करना मानवता, नैतिकता और सभी मानवीय मूल्यों के खिलाफ बड़ा अपराध है।”


