नई दिल्ली : स्टीफन फ्लेमिंग के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस और फील्डिंग कोच जेम्स फॉस्टर ने भी टीम का साथ छोड़ दिया है। दोनों अब फ्लेमिंग के साथ इंग्लैंड की टेस्ट टीम से जुड़ गए हैं, जहां वे क्रमशः गेंदबाजी और फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। आईपीएल की दिग्गज टीम चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में 17 साल तक काम करने के बाद फ्लेमिंग अब रेड-बॉल क्रिकेट में नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। वह अपना पूरा ध्यान इंग्लैंड की टेस्ट टीम पर केंद्रित करेंगे। उनके नए कार्यकाल की शुरुआत इस साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका दौरे से होगी।
फ्लेमिंग के हेड कोच बनने के कुछ ही समय बाद उन्होंने माइक हसी से संपर्क किया, जो चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बैटिंग कोच के तौर पर काम कर चुके हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व खिलाड़ी ने ऑफर ठुकरा दिया। चेन्नई सुपर किंग्स ने हसी को यह भी बता दिया है कि वे भविष्य की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। फ्लेमिंग की जगह लेने वाले जहीर खान को अपनी पसंद का स्टाफ चुनने की मंजूरी मिल गई है।
सीएसके में माइकल हसी की जगह कौन लेगा?
माना जा रहा है कि हसी की जगह चेन्नई सुपर किंग्स के एक पूर्व विदेशी खिलाड़ी पर विचार किया जा रहा है। हसी यह भूमिका संन्यास लेने के बाद से मना रहे हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी अगले हफ्ते या उसके बाद मिल सकती है, जब जहीर चेन्नई पहुंचेंगे। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार (12 अक्टूबर) को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जारी करने के साथ फ्लेमिंग के सपोर्ट स्टाफ के नामों का भी ऐलान कर दिया।
सिमंस के अनुभव से मजबूत होगी इंग्लैंड की गेंदबाजी कोचिंग टीम
फ्लेमिंग जाने-पहचाने वर्किंग मॉडल के साथ काम करना पसंद करते हैं। उन्होंने सिमंस को अपनी टीम में शामिल किया है, जो एक सफल और अनुभवी बॉलिंग कोच हैं। वह साउथ अफ्रीकी कोच गैरी कर्स्टन की उस टीम का भी हिस्सा थे, जब भारत ने 2011 में वर्ल्ड कप जीता था। बाद में आठ साल पहले चेन्नई सुपर किंग्स से बॉलिंग कोच के तौर पर जुड़ने से पहले वह दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच भी रहे थे। फ्लेमिंग के सपोर्ट स्टाफ में रिचर्ड डॉसन (स्पिन बॉलिंग) और मार्कस ट्रेस्कोथिक (बैटिंग) भी शामिल होंगे।


