नई दिल्ली : महिला वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ अपना पांचवां मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरेगी। शुरुआती दो मुकाबलों में शानदार जीत के बाद साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार ने टीम के संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर प्लेइंग 11 में एक अतिरिक्त गेंदबाज की कमी को लेकर आलोचना हुई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि कप्तान हरमनप्रीत कौर और कोच अमोल मजूमदार क्या पिछली गलतियों से सबक लेकर इंग्लैंड के खिलाफ एक नियमित तेज गेंदबाज को शामिल करते हैं या नहीं।
भारतीय टीम को पहले दोनों मैचों में गेंदबाजों के दम पर जीत मिली थी। मगर साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गेंदबाजी ही हार का कारण भी बन गई। दरअसल आखिरी के ओवर्स में टीम इंडिया को एक नियमित पेसर की कमी महसूस हुई थी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ अंतिम ओवर्स में भारत एक तरह से जीता हुआ मैच हारा था। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम 330 रन भी नहीं डिफेंड कर पाई।
अभी टीम इंडिया में क्रांति गौड़ ही सिर्फ बतौर नियमित तेज गेंदबाज खेल रही हैं। अमनजोत कौर दूसरी पेसर हैं जो एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। पिछले दोनों मैचों में वह अंतिम ओवर्स में रन रोकने या विकेट लेने में नाकामयाब साबित हुईं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ अहम मुकाबले में भारतीय प्लेइंग 11 बदलेगी या नहीं, ये बड़ा सवाल है? पॉइंट्स टेबल में भारत अभी चौथे स्थान पर है। सेमीफाइनल की राह को आसान बनाने के लिए भारत को हर हाल में इंग्लैंड के खिलाफ जीतना पड़ेगा।
टीम इंडिया के कॉम्बिनेशन में होगा बदलाव?
अगर टीम इंडिया के कॉम्बिनेशन की बात करें तो टीम 9वें नंबर तक बल्लेबाजी को मजबूत कर रही है। मध्यक्रम से लगातार निराशा हाथ लग रही है। हरलीन देओल अच्छे स्टार्ट के बाद पारी नहीं आगे बढ़ा पा रही हैं। जेमिमा अपना विकेट खुद फेंक रही हैं तो कप्तान हरमनप्रीत कौर आउट ऑफ फॉर्म हैं। लोअर मिडिल ऑर्डर में दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा ने श्रीलंका के खिलाफ पारी संभाली। ऋचा घोष ने साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा खेल दिखाया। मगर यह सवाल है कि आपको कम से कम दो नियमित पेसर चाहिए है।
संभावना यही है कि अमनजोत कौर को टीम से बाहर किया जा सकता है, क्योंकि तीन मैचों में से केवल एक में ही उनका बल्ला चला है। टीम मैनेजमेंट के सामने अब एक कठिन फैसला होगा — या तो एक बल्लेबाज या ऑलराउंडर को बाहर कर एक विशेषज्ञ गेंदबाज को शामिल किया जाए। मध्यक्रम और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभानी होगी ताकि टीम का संतुलन बना रहे। ऐसे में रेणुका ठाकुर को प्लेइंग 11 में शामिल करना बेहद जरूरी होगा, ताकि अंतिम ओवरों में — खासकर 48वें, 49वें और 50वें ओवर — में टीम के पास एक भरोसेमंद तेज गेंदबाज का विकल्प मौजूद हो। अमनजोत कौर फिलहाल उस भूमिका को प्रभावी तरीके से निभाने में नाकाम रही हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ मैच के लिए भारत की संभावित प्लेइंग 11
स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमाह रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, अमनजोत कौर/रेणुका सिंह ठाकुर, क्रांति गौड़, श्री चरणी।

